बरेली। गरीबों को सस्ता राशन उपलब्ध कराने की चाकचौबंद व्यवस्था में सेंध लगाने से कोटेदार बाज नहीं आ रहे हैं। सभी दुकानों पर पीओएस मशीनों से वितरण की व्यवस्था लागू होने पर भी हेराफेरी जारी है। जिले में ऐसी 22 दुकानें चिह्नित हुईं हैं, जहां निर्धारित मानक से ज्यादा प्रॉक्सी की जा रही है। इनकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
शासन ने सभी जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने और गरीबों तक सस्ता अनाज पहुंचाने के लिए त्रिस्तरीय चेकिंग व्यवस्था लागू कराई है, लेकिन यह सब कागजों पर चल रहा है, क्योंकि एसडीएम ही इसके प्रति गंभीर नहीं हैं। लिहाजा ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मनमानी हो रही है। ज्यादातर गांवों में पूरा खाद्यान्न और केरोसिन वितरित नहीं हो रहा है। यह स्थित शहर की भी कुछ दुकानों पर है। शासन ने आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से वितरण व्यवस्था लागू कराई है, लेकिन विषम परिस्थितियों में प्रॉक्सी सुविधा भी उपलब्ध है, इसके तहत संबंधित कार्डधारक की मौजूदगी अथवा बायोमैट्रिक जरूरी नहीं है। शासन ने यह व्यवस्था भी सीमित शर्तों के साथ लागू की है, इसमें शहरी इलाकों में 10 और ग्रामीण में 20 प्रतिशत तक बायोमैट्रिक नहीं करने यानी प्रॉक्सी सुविधा मान्य है।
कोटेदार सुविधा में लगा रहे सेंध
कोटेदारों ने प्रॉक्सी सुविधा में सेंध लगा दी है। शासन से निर्धारित मानकों के विपरीत वे प्रॉक्सी ज्यादा कर रहे हैं। शासन ने माना है कि तमाम कोटेदार इस छूट का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, इसलिए शासन ने निर्धारित प्रतिशत से अधिक प्रॉक्सी करने वाले सभी दुकानदारों का शत प्रतिशत सत्यापन कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जिला प्रशासन ऐसे दुकानदारों को चिह्नित कर कोटा निलंबन की कार्रवाई करे।
शासन ने निर्धारित सीमा से ज्यादा प्रॉक्सी करने पर सख्त नाराजगी जताई है। ज्यादा प्रॉक्सी करने में जिले में 22 दुकानें चिह्नित हुई हैं। इनकी जांच तीन सदस्यीय समिति करेगी। जांच रिपोर्ट आने की बाद कार्रवाई कर शासन और जिला प्रशासन को आख्या देंगे। - सीमा त्रिपाठी, डीएसओ