बरेली। मुरादाबाद के मूढापांडे के एक मामले में कोर्ट ने विवेचना करने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए डीजीपी को संस्तुति की है। विशेष न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खां की अदालत ने इन तीनों को दोषपूर्ण विवेचना का दोषी मानते हुए ये आदेश किया। इनमें दो विवेचना अधिकारी क्षेत्राधिकारी स्तर के हैं।
मूढ़ापांडे क्षेत्र के गांव लाला टीकर में शौचालय बनवाने में अनियमितताएं सामने आईं थी। विभाग की जांच में तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार और ग्राम प्रधान आरिफ को दोषी पाया गया था। इसके बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पहले इस मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी हाईवे राजेश कुमार को सौंपी गई। इसके बाद उनसे विवेचना लेकर क्षेत्राधिकारी रणधीर सिंह को दी गई। इन दोनों ही विवेचना अधिकारियों ने ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार व ग्राम प्रधान आरिफ को क्लीन चिट दे दी। इसके बाद विवेचना वीरपाल सिंह को सौंपी गई। इन्होंने ग्राम प्रधान आरिफ के खिलाफ आरोप पत्र भेज दिया, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार को इन्होंने भी क्लीन चिट दे दी।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशों के अवहेलना की गई। कोर्ट ने इन तीनों विवेचना अधिकारियों के खिलाफ दोष पूर्ण विवेचना करने पर विभागीय कार्यवाही के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को संस्तुति कर दी है। इस मामले में मंगलवार को अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सक्सेना के अर्जी देने पर कोर्ट ने तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार के खिलाफ भी संज्ञान लेने का आदेश दिया।