बरेली। शौचालयों के निर्माण के लिए दी गई दो किस्तों में से एक लाभार्थियों को देने के बजाय ग्राम पंचायत अधिकारी खुद हड़प गया। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने जांच में लाखों रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है।
आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत मझारा में शौचालय बनाने के लिए 193 लाभार्थियों के खातों में दो किस्तों में छह-छह हजार रुपये जमा किए जाने थे। इन लाभार्थियों की दूसरी किस्त का पैसा ग्राम निधि के खाते में डाल दिया गया और इससे सिर्फ 33 लाभार्थियों के शौचालयों का ही निर्माण कराया गया। ग्राम निधि खाते के स्टेटमेंट के अनुसार 5.80 लाख की धनराशि उसमें अब भी शेष है। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने जांच की तो पता चला कि बाकी धनराशि का खाते से निकालकर गबन कर लिया गया है और इस वजह से गांव में डेढ़ सौ से ज्यादा लाभार्थियों के शौचालय अधूरे पड़े रह गए। डीपीआरओ ने बताया कि जांच में साफ हो गया कि ग्राम पंचायत में तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी शौचालयों का निर्माण कराने में लापरवाही बरतते हुए सरकारी रकम का गबन किया है। कई और भी गंभीर पाए गए हैं। जांच के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी अमित प्रकाश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसके खिलाफ फरीदपुर के एडीओ पंचायत को विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।