फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली विभाग में होगा घोटालों का हिसाब.. देना पड़ेगा जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पॉवर कारपोरेशन में हुए गड़बड़-घोटालों पर जल्द ही अफसरों को जवाब देना पड़ सकता है। प्रबंधन ने कॉरपोरेशन की ओर से पिछले दो सालों में नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के साथ विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च हुए सैकड़ों करोड़ के बजट का ऑडिट कराने का फैसला लिया है। इस काम की जिम्मेदारी सीए फर्मों को देने की तैयारी की जा रही है। यह आदेश यहां चीफ इंजीनियर कार्यालय में भी पहुंच गया है। कॉरपोरेशन के इस नए फैसले से अफसरों में बेचैनी का माहौल है।
विज्ञापन

पॉवर कारपोरेशन ने पारेषण, उत्पादन और वितरण क्षेत्र में हुए करोड़ों रुपये के कामों का हिसाब-किताब करने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग थर्ड पार्टी ऑडिट व्यवस्था लागू करने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव ऊर्जा ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है और इसकी जानकारी सभी विद्युत निगम कंपनियों और संबंधित विभागों को दे दी गई है। बृहस्पतिवार को इस आदेश को लेकर विभाग में बेचैनी और खलबली का माहौल दिखाई दिया। दरअसल बरेली जोन में विभिन्न योजनाओं में ठेकेदार और निजी फर्मों से काम कराए गए हैं। माना जा रहा है कि अगर इन कामों का भौतिक सत्यापन हुआ तो कई अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। विभागीय अफसरों के मुताबिक थर्ड पार्टी ऑडिट सीए फर्म करेंगी। 2017-18 और 2018-19 के कामों का ऑडिट भी सीए फर्मों को दिया जाना प्रस्तावित है।
यहां बता दें कि कॉरपोरेशन के स्टोरों से करोड़ों का सामान गायब होने का ऑडिट भी सीए फर्मों से कराया गया था। शाहजहांपुर स्टोर का ऑडिट करने वाली एक फर्म ने काम करने से बीच में ही मना कर दिया था। इस स्टोर से करोड़ों का सामान गायब होने का अंदेशा था लेकिन अचानक इस सीए फर्म ने विभाग को रिपोर्ट देने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद विभाग ने फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दूसरी फर्म को काम दिया है। हालांकि दूसरी फर्म ने भी अभी ऑडिट पूरा नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक बरेली, बदायूं और पीलीभीत के स्टोरों में भी करोड़ों का सामान इधर-उधर हुआ, लेकिन सीए फर्मों ने इन पर लाग-लपेट कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें