बरेली। हवाई अड्डे के निर्माण में लगातार देरी पर क्लास लेने के बाद अफसरों ने सितंबर तक काम पूरा कराने का लक्ष्य तय किया है। हवाई अड्डे पर अभी सबसे बड़ी दिक्कत जलभराव को लेकर है, जबकि 2.25 करोड़ रुपये पास होने के बावजूद यहां अब तक ड्रेनेज सिस्टम का काम शुरू नहीं हो सका है।
पीलीभीत बाईपास रोड पर ग्राम मुड़िया अहमदनगर और चावड़ में 18.3351163 हेक्टेयर जमीन पर हवाई अड्डा निर्माण की वर्तमान स्थिति जानने के लिए प्रमुख सचिव नागरिक उड्डयन शशि प्रकाश गोयल और विशेष सचिव सूर्यपाल गंगवार ने लखनऊ में अफसरों के साथ मीटिंग की थी। अफसरों से पूछा गया कि हवाई अड्डे के लिए 71 करोड़ की जमीन खरीदने के साथ स्ट्रक्चर के नाम पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन अब तक हवाई अड्डे की शुरूआत क्यों नहीं हो पाई। मीटिंग में प्रशासन को सभी काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। बता दें कि इस हवाई अड्डा के काम पूरा करने के अधिकारियों को सवा दो करोड़ से मंजूर नाला निर्माण का काम पूरा कराया जाना है। अभी ड्रेनेज सिस्टम न होने हवाई अड्डा परिसर में बारिश से जलभराव हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले पानी भरने से नवनिर्मित रोड के किराने की बाउंड्री भी टूट गई थी।
उड़ान सेवाओं के लिए आपरेटर्स से होगी बातचीत
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर यह स्थिति साफ करने की कोशिश होगी कि उड़ान सेवाएं देने वाले टर्बो एविएशन सहित दूसरी कंपनियां कब तक हवाई जहाज मुहैय्या करा देंगी। अधिकारियों का कहना है कि टर्बो सहित दूसरी कई कंपनियों के साथ बरेली हवाई अड्डे से उड़ान सेवाओं को शुरू करने की तैयारी है, लेकिन आपरेटर्स की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही कि हवाई जहाज कब तक मिल जाएंगे? इसके लिए भी वार्ता जल्द ही होगी।
‘शासन में बैठक के बाद हवाई अड्डे को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश मिले हैं। हवाई अड्डे के बाकी कामों को पूरा कराने की तैयारी चल रही है। जो काम अधूरे हैं, उनकी भी समीक्षा जल्द करने के साथ इन्हें पूरा कराया जाना है।’
- मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी