बरेली। बिजली विभाग के स्टोर में हुआ सौ करोड़ का घोटाला दबा तो छोटे-मोटे घोटालों की झड़ी सी लग गई है। अब भुता में पांच खंभे और दो ट्रांसफार्मर लगाकर एक अवैध लाइन डाल देने का मामला सामने आया है। इस पर जांच शुरू हुई तो पता चला कि भुता के ही एक स्कूल में भी स्टोर से इश्यू कराकर ट्रांसफार्मर, खंभे और तार समेत तमाम सामान रख दिया गया है और इसे भी कहीं अवैध लाइन खींचने के लिए इस्तेमाल किया जाना है। ये दो गड़बड़ियां पकड़े जाने के बाद बरेली मंडल के स्टोरों में बड़े पैमाने पर गोलमाल होने की आशंका जताई जा रही है। अफसरों में इससे हड़कंप मचा हुआ है।
यूपी में बिजली सप्लाई का नेटवर्क मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दी गई हजारों करोड़ की रकम के दुरुपयोग का मामला कुछ समय पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा था। इस पर छानबीन हुई तो पता चला कि बरेली जोन में ही करीब सौ करोड़ का सामान इधर से उधर हुआ है। हालांकि जांच से पहले ही इस पर लीपापोती शुरू हो गई और अब नतीजा यह है कि इस बड़े घोटाले की जांच आगे ही नहीं बढ़ पा रही है। इस बीच बिजली विभाग में विभिन्न कंपनियों और फर्मों की ओर से सप्लाई किया गया सामान स्टोरों के बजाय सीधे बाजार में पहुंचने के मामलों के साथ कई और नए-नए घोटाले सामने आने लगे हैं। इन्हीं में बरेली स्टोर से इश्यू हुए ट्रांसफार्मर, खंभे, तार और कई और उपकरण भुता के एक स्कूल परिसर में पकड़े जाने का मामला शामिल है। स्कूल प्रबंधन की ओर से ही इसकी शिकायत अफसरों से की गई थी। विभागीय अफसर इसके बाद जब मौके पर पहुंचे तो पाया कि वहां पन्नी में ढक कर दो ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखा गया है। इस बीच एक और यह शिकायत मिली कि पांच खंभों से तैयार एक अवैध लाइन के जरिये एक निजी नलकूप को सप्लाई दी जा रही है। मौके पर की गई छानबीन में यह शिकायत भी सही मिली। वैसे तो अफसरों ने इसकी जांच शुरू कर दी है लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच के नाम पर इस मामले में दोषी स्टोर के स्टाफ को बचाने के लिए लीपापोती भी शुरू कर दी गई है।
उन्नाव के स्टोर से निकला ट्रांसफार्मर खीरी में लगा
सरकारी ट्रांसफार्मरों के साथ दूसरे सामान की हेराफेरी में नवाबगंज में तैनात एक जेई राजेश कुमार भी फंस गया है। बताया जाता है कि उन्नाव के नवाबगंज विद्युत वितरण खंड में तैनाती के समय जेई ने स्टोर से जो ट्रांसफार्मर इश्यू कराया था, वह लखीमपुर खीरी जिले में लगा पाया गया है। इस मामले में विजिलेंस ने राजेश कुमार समेत 15 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। राजेश के अलावा कई अन्य लोग भी विभागीय सामान की हेराफेरी में लिप्त बताए जा रहे हैं। हालांकि राजेश का कहना है कि उसने स्टोर से सामान तो इश्यू कराया था लेकिन यह सामान दूसरे जिले में कैसे पहुंचा, इसकी उसे जानकारी नहीं है।
बदायूं में भी पकड़ी गई थी अवैध लाइन
बिजली विभाग के स्टोर से ट्रांसफार्मर व अन्य सामान इश्यू कराकर प्राइवेट नलकूप चलवाने का मामला पिछले दिनों बदायूं में भी पकड़ा गया था। अल्हापुर में एफआईआर दर्ज होने के बाद हुई विभागीय जांच में जेई अंकुर प्रसाद और संविदा कर्मी को दोषी पाया गया था। विभाग ने जेई अंकुर को सस्पेंड तो कर दिया लेकिन स्टोर को इस मामले में भी बचा दिया। वहा ंके स्टाफ से पूछताछ तक नहीं की गई जबकि स्टोर की मिलीभगत के बगैर अतिरिक्त सामान बाहर जाना मुमकिन नहीं है।
वर्जन:
भुता में दो ट्रांसफार्मर और एक अवैध लाइन पकड़ी गई है। जेई ने इसकी रिपोर्ट भी थाना में दर्ज कराई है। इस मामले की जांच शुरू करा दी गई है। संबंधित स्टाफ से लिखित जवाब मांगा गया है। इसके बाद स्टोर की भूमिका की भी जांच होगी। - तारिक जलील, एसई ग्रामीण