बरेली। मीट का लाइसेंस देने के नाम पर 12 हजार रुपये घूस लेने वाले अभिहीत अधिकारी विजय कुमार वर्मा को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट संख्या दो कमलेश्वर पांडेय ने चार साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
घटना 15 दिसंबर 2022 को हुई थी। शाहजहांपुर के मोहल्ला गोहरपुरा निवासी कय्यूम ने एसपी विजिलेंस को दी शिकायत में बताया था कि मीट की दुकान का लाइसेंस बनाने के बदले एफएसडीए के अभिहित अधिकारी विजय कुमार वर्मा 12 हजार रुपये घूस मांग रहे हैं। निरीक्षक पान सिंह की प्रारंभिक जांच में विजय कुमार वर्मा की छवि भ्रष्ट लोकसेवक के रूप में पाई गई। शासन से अनुमति के बाद 15 दिसंबर 2022 को निरीक्षक संतोष कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
शिकायतकर्ता को कलक्ट्रेट बुलाया गया और उसे केमिकल लगे नोट दिए गए। कय्यूम नोटों को लेकर रिश्वत देने चला गया। कय्यूम के दिए नोटों को अभियुक्त गिन रहा था, तभी ट्रैप टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके खिलाफ विजिलेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचक ने आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने साक्ष्यों का अवलोकन करने और गवाहों का सुनने के बाद विजय कुमार वर्मा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। संवाद
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पीलीभीत बाइपास गोलीकांड
राजीव राना गिरोह के आठ आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। पीलीभीत बाइपास पर स्थित भूखंड पर कब्जे को लेकर हुए गोलीकांड के आठ आरोपियों की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट गगन कुमार भारती ने खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि अभियुक्तों को जमानत पर रिहा करने से विवेचना प्रभावित हो सकती है।
वारदात 22 जून 2024 की है। एक पक्ष के सरगना राजीव राना की शह पर ताबड़तोड़ गोलीबारी, आगजनी और पत्थरबाजी की गई थी। इससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई थी। इस मामले में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपियों पर एक और मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय ने राजीव राना के गुर्गों नमन गोस्वामी, मोहम्मद हुसैन, अलीम कालिया, रविंद्र यादव, रोहित ठाकुर, विशाल, दिनेश और शैलेश प्रताप की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। संवाद