बरेली। विकास के नाम पर शहरवासियों की परेशानी कम नहीं हो रही। सोमवार को एक बरी फिर इसकी बानगी देखने को मिली। सुभाषनगर इलाके में सड़क निर्माण के दौरान पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे जहां चार हजार घरों तक पानी नहीं पहुंचा, वहीं लाखों लीटर जल सड़क पर बह गया। इसी तरह रविवार रात 1:30 बजे परतापुर में ओएफसी केबल डाले जाने के दौरान हाईप्रेशर पीएनजी लाइन क्षतिग्रस्त होने से आसपास के इलाके के 1200 घरों की आपूर्ति 15 घंटे तक ठप रही। इस दौरान लोग भोजन के लिए तरस गए।
सुभाषनगर में 15वें वित्त आयोग से 1.2 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जा रही है। सोमवार दोपहर दो बजे जेसीबी से खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान तपेश्वरनाथ मंदिर के ठीक सामने पानी की मुख्य पाइप लाइन टूट गई। इससे पूरे इलाके की जलापूर्ति ठप हो गई। तेज बहाव के साथ पानी फैलने से सड़क तालाब में तब्दील हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घंटों तक पानी बहता रहा, लेकिन जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचे। वीर भट्टी, श्याम कॉलोनी, मुख्य बाजार समेत आसपास के अन्य मोहल्लों की 15 से 20 आबादी (चार हजार घर) को हैंडपंप और निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ा।
पार्षद बोलीं-ठेकेदार की लापरवाही से हुआ हादसा
पार्षद शालिनी वर्मा ने बताया कि जलकल विभाग के इंजीनियरों से मामले की जानकारी देकर फिलहाल आपूर्ति को बंद करा दिया गया है। ठेकेदार की लापरवाही की वजह से हजारों लोग परेशान हैं। बिना प्लानिंग खोदाई कर दी गई। पाइप लाइन टूटने के बाद भी विभाग गंभीर नहीं दिखा। सुभाषनगर के रहने वाले देवेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य में लगातार अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं। न सुरक्षा के इंतजाम हैं और न ही तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है।
वर्जन :
मामले की जानकारी है। फिलहाल आपूर्ति रोक दी गई है। टीम को मौके पर भेजकर फाल्ट सही कराया जाएगा। - अजीत सिंह, सहायक अभियंता, जलकल विभाग
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खोदाई में कटी पीएनजी लाइन, 1200 घरों में 15 घंटे तक नहीं जले चूल्हे
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स्मार्ट सिटी के तहत ओएफसी लाइन बिछाने के दौरान फॉल्ट, पांच कॉलोनियाें में आपूर्ति ठप, थमाया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) किल्लत के बीच हाईप्रेशर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) लाइन क्षतिग्रस्त होने से एक हजार घरों में करीब 15 घंटे चूल्हा नहीं जला। सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के ठेकेदार को नोटिस जारी किया है।
सीयूजीएल अधिकारी जितेंद्र गौतम के मुताबिक, रविवार रात 1:30 बजे स्मार्ट सिटी के तहत एयरफोर्स रोड स्थित परतापुर के पास सीसी कैमरे की ओएफसी लाइन बिछाने के लिए हॉरिजेंटल डायरेक्शनल ड्रिलिंग मशीन से खोदाई हो रही थी। अत्यधिक दबाव की वजह से हाईप्रेशर लाइन क्षतिग्रस्त होने से रिसाव हुआ।
सूचना पर स्थिति नियंत्रण के लिए रात में टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि सीयूजीएल से बिना अनापत्ति लिए बिना बताए नगर निगम स्मार्ट सिटी ने काम शुरू कर दिया। इससे गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और लोगों के जानमाल का खतरा रहा।
बताया कि इससे परतापुर, पीरबहोड़ा, नॉर्थ सिटी, कूर्मांचल नगर, आलोक नगर प्रभावित हुए। इन क्षेत्रों में करीब 12 सौ घरों में कनेक्शन हैं, जहां करीब 15 घंटे तक खाना नहीं पका। बिना अनुमति निर्माण कार्य पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ नोटिस थमाई है।
किसी ने होटल, किसी ने पड़ोसी से मांगी मदद
पीएनजी कनेक्शन से 80 फीसदी घरों में एलपीजी प्रयोग नहीं होता। लिहाजा, सुबह जब लोगों की आंख खुली तो चाय, नाश्ता, टिफिन, भोजन आदि बनाने को लेकर जूझते रहे। कूर्मांचल नगर निवासी कपिल के मुताबिक किसी ने इंडक्शन तो किसी ने पास पड़ोस में जिन घरों में एलपीजी सिलिंडर थे, वहां पहुंचकर भोजन पकाया। तमाम लोग बाहर से खाना मंगाने के लिए विवश रहे।
नहीं थम रही पीएनजी लाइन कटने की समस्या
इसी माह पीएनजी लाइन कटने का यह दूसरा बड़ा मामला है। 16 दिन पहले सीबीगंज के बीएल एग्रो औद्योगिक प्रतिष्ठान में ऑयल लाइन बिछाने के दौरान खोदाई में हाईप्रेशर लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 12 घंटे तक चार हजार घरों में चूल्हा नहीं जला था। वहीं, पिछले माह अप्रैल में पीलीभीत बाइपास की ओर रोड चौड़ीकरण के दौरान पीएनजी लाइन कटी थी। इसके अलावा भी छिटपुट समस्याएं हुईं हैं।
महानगर, सनसिटी विस्तार के लोगों को नोटिस
एलपीजी मुक्त कॉलोनी और अपार्टमेंट घोषित करने की मुहिम के तहत सोमवार को सीयूजीएल ने पीलीभीत बाइपास स्थित महानगर और सनसिटी विस्तार कॉलोनी के निवासियों को नोटिस जारी किया है। इससे पहले रुद्राक्ष, ट्यूलिप समेत चार अपार्टमेंट को नोटिस दिए जा चुके हैं।