बरेली जिले में चीनी मिलें बीते साल अप्रैल तक चली थीं। इस बार चार चीनी मिलें फरवरी में ही बंद हो जाएंगी। पांचवीं मिल में तीन मार्च को पेराई बंद होगी। बीते साल 329 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। इस साल 249 लाख क्विंटल पेराई का अनुमान है। यानी इस साल करीब 80 लाख क्विंटल पेराई कम होने का अनुमान है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि अगर किसी मिल में गन्ना आता रहा तो उसे पेराई की अवधि बढ़ाने का मौका दिया जाएगा। इस साल सबसे पहले 15 फरवरी को बहेड़ी चीनी मिल बंद होगी। 20 फरवरी को फरीदपुर, नवाबगंज व सेमीखेड़ा मिलें एक साथ बंद होंगी। मीरगंज चीनी मिल तीन मार्च को बंद होगी।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि जुलाई में अधिक बारिश होने से खेतों में गन्ने के पौधे सड़ गए थे। सितंबर में हुई बारिश और बाढ़ ने फसल को नुकसान पहुंचाया। लाल सड़न रोग से भी उत्पादन घटा और अबकी बार मिलें पिछली बार की तुलना में पहले बंद हो जाएंगी।