बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश उमाशंकर कहार ने घर में घुसकर जानलेवा हमले में दोषी देवरनियां थाना क्षेत्र के गांव पिपरा नानकार निवासी बाबू, सलीम, नईम (सगे भाई) और बहेड़ी थाना क्षेत्र के मुड़िया नवी बक्श निवासी बाबू को पांच-पांच साल की कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो-दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
पिपरा नानकार निवासी कनीज ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि पांच जनवरी 2006 को उनके भाई इकबाल अहमद और भतीजे सरताज की बाबू व सलीम से कहासुनी हुई थी। उसी दिन शाम छह बजे बाबू, अकरम, सलीम, नईम और एक अन्य बाबू लाठी-डंडे व छुरियां लेकर उनके घर में घुस आए। उन्होंने कनीज, इकबाल और सरताज पर जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस हमले में तीनों को गंभीर चोटें आईं। पड़ोसियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। बीच-बचाव के दौरान हमलावर अकरम को अपनी ही छुरी लग गई। कनीज अपने भाई और भतीजे के साथ थाने रिपोर्ट लिखाने गईं। पुलिस ने उनकी तहरीर ले ली, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दूसरी ओर घायल अकरम की भी मौत हो गई। पुलिस ने हमलावरों की ओर से अकरम की मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज कर कनीज के भाई और भतीजे को जेल भेज दिया।
इस मामले में हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कनीज ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।