चार भाजपा विधायक नहीं चाहते थे कि जिला पंचायत की बजट बैठक हो, इसलिए नवागत कमिश्नर और सीडीओ से एक दिन पहले संपर्क कर बैठक स्थगित कराने का प्रयास किया गया। ज्यादातर सदस्य बैठक कराना चाहते थे, सीडीओ भी इसके पक्ष में थे। तमाम खींचतान और हंगामे के बावजूद अनुपूरक बजट बैठक हुई जिसमें 52 सदस्य और 11 ब्लाक प्रमुख उपस्थिति रहे और बजट पास हुआ।
शनिवार 12 बजे से प्रस्तावित बजट बैठक में चारों विधायकों का एक मोहरा जिला पंचायत पहुंचा, जबकि वह सदन में सदस्य भी नहीं है। इन सज्जन का नाम है मोहन सिंह। कायदे से अगर ये बैठक का विरोध कर रहे थे तो उनकी पत्नी सदस्य मंजू सिंह को नहीं जाना चाहिए था, लेकिन वह पत्नी को पहुंचाने खुद गए थे। मोहन सिंह ने अपने समर्थकों के साथ कैंपस में बैठक का विरोध जताया तो कर्मचारी सामने आ गए। फिर क्या था विरोध मारपीट में बदल गया। शोर शराबा और नारेबाजी सुनकर बैठक से कई सदस्य बाहर आ गए। महिला सदस्यों ने विरोध करने वालों से मोर्चा ले लिया। फतेहगंज पश्चिमी से पंचायत सदस्य ममता गंगवार समेत कई महिलाओं से हंगामा करने वालों पर चप्पलें फेंकना शुरू कर दिया। ममता भाजपा से हैं। उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया। ममता ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से फोन पर बात कर पूरी बात बतायी। अवगत कराया कि मोहन सिंह कई लोगों को लेकर हंगामा करने आए थे। मंत्री ने मोहन सिंह को फोन पर नाराजगी जतायी। बैठक स्थगित कराने के लिए विधायक छत्रपाल गंगवार, केसर सिंह, डीसी वर्मा और राजेश मिश्रा ने चिट्ठी लिखी थी। जिसपर कमिश्नर ने सीडीओ को आवश्यक कार्यवाही के लिए लिखा था। सीडीओ का कहना था कि बजट बैठक जरूरी थी और बोर्ड या अध्यक्ष ही बैठक स्थगित कर सकते थे। अध्यक्ष चाहते थे की मीटिंग हो इसलिए मीटिंग कैंसिल नहीं की गई थी।
संजय ने कराया ताकत का एहसास
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर कब्जे को लेकर कई दिनों से उठापटक चल रही है। शुरूआत में दो विधायकों ने भाजपा मोहन सिंह के साथ लामबंदी शुरू की थी। चुनाव बाद बैठकों का दौर शुरू हुआ, एजेंडा सिर्फ अध्यक्ष पर कब्जा करना था। पंचायत सदस्यों से इसके लिए सघन संपर्क कर बुलाया गया। जब प्रारंभिक स्तर पर बात नहीं बनी तो प्रचार किया गया कि पार्टी हाई कमान से निर्देश मिले हैं। हकीकत तो यह है कि मुहिम के अगुवाई करने वाले दोनों भाजपा विधायक नाकाम रहे थे। इसी बीच पंचायत अध्यक्ष गुट ने एक होटल में अपनी ताकत जानने के लिए बैठक बुलायी तो पता चला कि बहुमत से ज्यादा सदस्य संजय सिंह के समर्थन में हैं। इस कामयाबी के पीछे पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। शनिवार में बुलायी बजट बैठक न कराने के पीछे भी अध्यक्ष को कमजोर करना था, लेकिन पासा उल्टा पड़ गया। अध्यक्ष ने बजट बैठक बहाने बहुमत भी सिद्ध कर दिया।सभागार में बैठक, बाहर बवाल
जिला पंचायत अध्यक्ष कक्ष में तोड़फोड़, कर्मियों से अभद्रता
जिला पंचायत बजट बैठक नहीं होने देने के लिए हर स्तर पर विरोध पहले से ही तय था। इसलिए जब बैठक शुरू हुई तो बाहर कैंपस में मारपीट और नारेबाजी होने लगी इसमें कोई सदस्य शामिल नहीं था। इसका विरोध पंचायत कर्मचारियों और अध्यक्ष के पिता पूर्व पीसीएस अफसर रामेश्वर दयाल ने किया तो भाजपा नेता मोहन सिंह आदि उनसे भिड़ गए। धक्का मुक्की और हाथापाई होने लगी। इस बीच अध्यक्ष कक्ष में तोड़फोड़ कर फर्नीचर क्षतिग्रस्त कर दिया, गेट का शीशा तोड़ने में खुद मोहन सिंह घायल हो गए।
जिला पंचायत राजनीति में इस तरह पहली बार हाथापाई और तोड़फोड़ हुई है। इसमें कर्मचारी भी शामिल हो गए है। सभागार में बैठक हो रही थी, बाहर हंगामा और तोड़फोड़ का दौर जारी था। आधा घंटे तक अराजकता का माहौल बना रहा। महिला सदस्यों ने हंगामा करने वालों से मोर्चा लिया और बाहरी तत्वों को खदेड़ दिया। पुलिस भी देर से पहुंची तब तक तोड़फोड़ हो चुकी थी।
41 करोड़ रुपये का बजट पास, गैर हाजिर अफसरों का कटेगा वेतन
बरेली। पंचायत बैठक में मौजूद 52 सदस्य और 11 ब्लाक प्रमुखों ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित 41.26 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया। पिछले वर्ष का पुनरीक्षित बजट 53.46 करोड़ रुपये भी ध्वनिमत से पास कर दिया। इस मौके पर सदस्यों ने बिजली और गन्ना विभाग से गैर हाजिर प्रतिनिधियों का मामला उठाया। सीडीओ ने इन अफसरों का वेतन काटने के निर्देश।
संजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सीसीडो शिव सहाय अवस्थी ने गैर हाजिर विभागाध्यक्षों पर नाराजगी जतायी और दंडित करने के निर्देश दिए। टैक्सटाइल पार्क को हाइवे से जोड़ने के प्रस्ताव पर तीन सदस्यीय समिति बनना तय हुआ। कई गांवों में बोगस कार्ड प्रचलन में होने का मामला उठाया गया। सीडीओ ने कहा कि जांच कर राशन कार्ड रद कराए जाएंगे। कई सदस्यों ने गांवों में घटिया निर्माण कार्य की शिकायत कर मानदेय बढ़ाने पर जोर दिया। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। इस मौके पर भाजपा विधायक डा. श्याम बिहारी लाल, नरेंद्र मुखर्जी, वीरेंद्र सिंह, प्रीति यादव, ममता गंगवार, सीमा यादव, तेज प्रकाश, जगमोहन सिंह, सुमनलता, आदेश प्रताप, धर्मपाल, नसीम बेगम आदि ने विचार रखे। संचालन अभियंता सुनील कुमार ने किया।
पंचायत कर्मियों और मोहन सिंह ने सौंपी तहरीर
बरेली। जिला पंचायत कर्मियों ने तोड़फोड़, मारपीट, अभद्रता और हंगामा करने वालों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। उधर, आरोपी मोहन सिंह ने भी देर शाम तहरीर सौंप दी। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।