प्रिंटर से छापे गए हैं नोट
नोटों का कागज काफी मोटा है। नकली नोटों की नीली पट्टी पर कुछ लिखा नहीं है, जबकि असली नोटों की पट्टी पर आरबीआई लिखा होता है। अधिकतर नोटों के नंबर एक जैसे थे। आशंका जताई जा रही है कि चालीस हजार रुपये के सौ के नोट घर में ही प्रिंटर व स्कैनर से तैयार किए गए हैं।
गुडवर्क का दावा करने वाली एजेंसी हो गई फेल
सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई की नींव चार दिन पहले पड़ी, जब एक सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों ने गुडवर्क का दावा करते हुए ये नोट बरामद दिखाए थे। एजेंसी के ही कर्मी अपने सूत्रों के दम पर दो लोगों को पकड़कर थाने लाए थे। चूंकि ठिरिया निजावत खां के कई लोग खाड़ी देशों में नौकरी करते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं नकली नोट
यहां पहले भी नकली नोटों के मामले पकड़े जाते रहे हैं। नोट बरामदगी का मामला सामने आते ही पुलिस समेत दूसरी एजेंसियां सक्रिय हो गईं। बाद में पकड़े गए लोगों पर आरोप साबित नहीं हुआ। गुडवर्क का दावा करने वाले भी कोई साक्ष्य न दे सके और थाने से चुपचाप चले आए।
सीओ सिटी प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। नोटों की क्वालिटी देखकर नहीं लगता कि उन्हें बाहर से मंगाया गया होगा। स्थानीय स्तर पर सक्रिय आरोपियों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।