चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस जल्द लगाएगी आरोप पत्र
बरेली। किला थाने में बवाल का कारण बना आरोपी बिलाल फिलहाल जेल में ही रहेगा। बताया जा रहा है कि बिलाल से उसका परिवार काफी नाराज है। इसलिए परिवार ने अदालत में उसकी जमानत के लिए अर्जी ही नहीं लगाई। वहीं, पुलिस आरोपी के खिलाफ जल्द आरोप पत्र दाखिल करने में जुट गई है।
17 अक्तूबर को किला क्षेत्र की एक लड़की पड़ोस में डेयरी चलाने वाले युवक बिलाल के साथ घर छोड़कर चली गई थी। लड़की के पिता ने बिलाल समेत छह लोगों पर नाबालिग बेटी को अगवा करने और घर में रखे आठ लाख रुपये चोरी का आरोप लगाया था। पुलिस की सुस्ती के विरोध में बजरंग दल, विहिप समेत अन्य हिंदू संगठनों के लोगों ने किला थाने में हंगामा-तोड़फोड़ की तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। पुलिस ने तोड़फोड़ के मामले में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता नामजद किए तो पुलिस वाले भी निलंबित किए गए।
थाने में बवाल के बाद बिलाल और लड़की को ढूंढने का पुलिस पर काफी दबाव हो गया था। काफी मशक्कत के बाद वे दोनों अजमेर (राजस्थान) के एक होटल में मिल गए थे। पुलिस ने छात्रा को कोर्ट में पेश किया तो प्रमाण पत्रों के आधार पर उसने खुद को बालिग बताकर माता पिता के साथ जाने की इच्छा जताई थी। वहीं, आरोपी बिलाल के पास से चोरी की रकम के तीन लाख 20 हजार रुपये और छात्रा के दो फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए थे।
पुलिस ने उसे अपहरण के आरोप से तो उसे मुक्त कर दिया मगर चोरी और धोखाधड़ी का मामला उस पर बना दिया। इसी आरोप में उसे जेल भेजा गया। करीब बीस दिन से बिलाल जेल में है। पुलिस आरोपों की पुष्टि कर आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है। बिलाल के वकील इमरान ने बताया कि बिलाल के परिवार ने फिलहाल कोई अर्जी जमानत के लिए नहीं लगाई है। किला पुलिस का मानना है कि परिवार वाले उसकी हरकत से नाराज हैं। क्योंकि इससे परिवार की काफी बदनामी हुई है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि बिलाल को चोरी और धोखाधड़ी में गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है।