पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज
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आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णाराज एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एडीजे तृतीय किरनपाल सिंह की अदालत में बृहस्पतिवार दोपहर पेश हुईं। जहां उन पर धारा 188 के तहत आरोप तय करते हुए दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं को कोर्ट ने सुना। न्यायाधीश ने मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दो मार्च की तारीख तय की है।
कृष्णाराज के खिलाफ चल रहे मामले में न्यायाधीश ने पत्रावली का अवलोकन कर विवेचना के दौरान एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आरोप तय करते हुए कहा कि दो अप्रैल 2014 की रात 9:10 बजे कृष्णाराज ने लोकसेवक रहते हुए निगोही भाजपा कार्यालय के बाहर करीब 150 कार्यकर्ताओं के साथ धारा 144 प्रभावी होने के दौरान स्टीकर लगाकर उसकी अवज्ञा की, जो धारा 188 के तहत दंडनीय है।
आरोप तय किए जाने के दौरान कोर्ट में उपस्थित कृष्णाराज ने लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए परीक्षण की मांग की। इस पर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए न्यायाधीश ने दो मार्च 2020 की तारीख तय की है।
बता दें कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में कृष्णाराज भाजपा की प्रत्याशी थीं। उनके खिलाफ पुलिस ने निगोही थाने में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोप था कि निगोही में दो अप्रैल 2014 को धारा 144 लागू होने के बाद भी बिना अनुमति के ब्लॉक कार्यालय के सामने कृष्णाराज के स्टीकर, बैनर, पोस्टर लगाए जा रहे हैं। आचार संहिता उल्लंघन का मामला मानते हुए स्टीकर, बैनर भी जब्त किए गए।