अब निदेशक उच्च शिक्षा करेंगे जांच
अजय कृष्ण यादव पर आरोप हैं कि विगत वर्ष कुलसचिव के रूप में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में धांधली, रिश्वतखोरी, एक विशेष वर्ग के महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने और अपर्याप्त कमरों वाले संस्थानों को मान्यता दी गई। उनपर विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम लंबित होने और सम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम पूरे न होने के बावजूद तीन महीने के अंतराल पर फिर से परीक्षा कराने संबंधी आरोप भी हैं। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल ने आदेश कर प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए अनुशासनिक कारवाई शुरू कर जांच अब निदेशक उच्च शिक्षा प्रयागराज को सौंपी है। निलंबन की अवधि में अब कार्यालय निदेशक उच्च शिक्षा प्रयागराज से संबद्ध रहेंगे।
शिक्षकों ने कर दिए थे कार के टायर पंक्चर
सूत्रों के अनुसार, कुलसचिव की ओर से लंबे समय से लगातार पत्र जारी किए जा रहे थे। कुलसचिव ने कुलपति की अनुमति के बिना फाइलों पर हस्ताक्षर और अन्य निर्णय भी लिए थे। इसके साथ ही कई शिक्षकों का वेतन भी रोक दिया था। इसके बाद शिक्षकों ने भी आरोप लगाया था कि कुलसचिव स्तर पर जानबूझकर फाइलों को रोका जा रहा है। इसको लेकर शिक्षकों ने कुलसचिव को चार घंटे तक बंधक भी बनाया था। धक्कामुक्की करते हुए अजय कृष्ण की कार के टायर भी पंक्चर कर दिए थे।