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पूर्व सांसद वीरपाल और उनके समर्थकों ने डॉक्टर पर किया हमला, रिपोर्ट दर्ज

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शिकायत करने पहुंचे डॉक्टर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मानसिक अस्पताल में तैनात हैं पीड़ित डॉक्टर, परिवार की महिलाओं से भी अभद्रता करने का आरोप
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घर के बाहर पेशाब करने से मना करने पर हुआ विवाद, वीरपाल ने आरोपों को निराधार बताया

बरेली। लंबे समय तक सपा जिलाध्यक्ष रहे पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव और उनके समर्थकों ने मानसिक अस्पताल के डॉक्टर और उनके भाई पर हमला कर दिया। दोनों के साथ मारपीट की गई। जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। समर्थकों ने घर में घुसकर डॉक्टर के परिवार की महिलाओं से भी अभद्रता की। इस मामले में बारादरी थाने में पूर्व सांसद और उनके 12 समर्थकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने डॉक्टर और उनके भाई का मेडिकल परीक्षण कराया है। पूर्व सांसद ने आरोपों को निराधार बताया है।
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डोहरा रोड निवासी शिक्षक राजपाल सिंह ने बारादरी थाने में रिपोर्ट कराई है कि वह शुक्रवार शाम अपने घर में थे। उनके भाई डॉ. पीपी सिंह मानसिक अस्पताल से ड्यूटी करके घर लौटे थे। तभी उन्होंने देखा कि उनके घर के सामने दो लोग पेशाब कर रहे हैं, जबकि घर की महिलाएं और बच्चे सीढ़ियों पर बैठे थे। डॉ. पीपी सिंह ने इन लोगों को टोका तो उन्होंने आठ-दस लोग बुला लिए। कहा, वे वीरपाल सिंह के आदमी हैं। राजपाल के मुताबिक, आरोपी जातिसूचक शब्द कहते हुए उन्हें पीटने लगे। भाई डॉ. पीपी सिंह बचाने आए तो उन्हें भी पीटा। जान बचाकर घर में भागे तो आरोपी भी घर में घुस आए। उन्होंने महिलाओं और बच्चों से भी धक्कामुक्की की। राजपाल के मुताबिक बाद में ये लोग उन्हें और उनके भाई को पकड़कर थोड़ी दूरी पर खड़ी कार के पास ले गए। कार में वीरपाल सिंह यादव बैठे थे। आरोप है कि वीरपाल सिंह ने भी उन्हें गाली दीं और पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने बताया कि तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिख ली है। राजपाल और डॉ. पीपी सिंह का मेडिकल परीक्षण कराया है।

न तो मेरी उम्र मारपीट करने की है और न मेरा आचरण इस तरह का रहा है। मैं फरीदपुर से लौटते वक्त अपने परिचित के रेस्टोरेंट में चाय पी रहा था। मेरे साथ में एक और कार थी। एक लड़के ने हमारे साथ की एक कार में अपनी कार से टक्कर मार दी। हमारे साथ के लोगों ने उसे टोका तो विवाद हुआ होगा। मुझे तब पता चला जब दोनों पक्ष अंदर आए। मैंने दोनों पक्ष से बात करके सुलह करा दी। इसके बाद मैं चला आया। रात को पता चला कि एफआईआर कराई गई है। पुलिस जांच कर ले। मैं सहयोग को तैयार हूं। - वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद

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