चुनाव हराने वाले पहली पंक्ति में, भाजपा में चापलूसों की है भरमार : धर्मेंद्र कश्यप
भाजपा छोड़ने के एलान के बाद आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बुधवार को समर्थकों और क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों संग बैठक कर आगे की रणनीति पर मंथन किया। पूर्व सांसद ने कहा कि जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। समर्थकों की राय पर अगला कदम तय होगा। कश्यप ने कहा कि जिन लोगों ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हराया, आज वे पार्टी में आगे की पंक्ति में बैठे हैं, जबकि मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की पूछ नहीं हो रही। आरोप लगाया कि भाजपा में चापलूस कार्यकर्ताओं की बाढ़ है।
ऐसे लोगों को बड़े पद दिए गए हैं, जिनका क्षेत्र में प्रभाव है ही नहीं। कहा-नेता अकेले निर्णय नहीं लेता, कार्यकर्ता और समर्थक उसकी ताकत होते हैं। इसलिए आगे का फैसला भी उनसे विचार-विमर्श कर होगा। कश्यप ने देवचरा में रैली आयोजित करने की इच्छा जताई। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। लोधी समाज समेत विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी को लेकर बातचीत हुई।
कश्यप ने कहा कि उनके समर्थक वोट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके साथ खड़े हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले भी समर्थकों से राय ली थी और बड़ी रैली की थी। फिलहाल कश्यप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस राजनीतिक दल का रुख करेंगे, पर कहा कि कुछ दिनों में सब साफ होगा। जहां पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग का सम्मान होगा, उसी के साथ जुड़ेंगे। भाजपा में पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों की कोई अहमियत नहीं मिलने का आरोप लगाया।