एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत शनिवार को बरेली पहुंचीं। उनके सामने पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरू सागर ने गंगापुर का मुद्दा उठाया। नीरू ने गंगापुर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाया। इस दौरान वह फफक पड़ीं।
बरेली में पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीरू सागर ने नवाबगंज थाना क्षेत्र के गंगापुर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने और पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाया। वह शनिवार को एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत के सामने बात कहते हुए फफकने लगीं। अध्यक्ष ने मामले को उच्च स्तर के संज्ञान में लाने का भरोसा दिया है।
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नीरू का कहना था कि 26 जून की रात 2.30 विपक्षियों ने गांव में आंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी। इसमें वह रात में ही मौके पर गई थीं। सूचना पर पुलिस आई थी। 19 लोग नामजद हुए थे। जिसमें छह लोग जेल गए थे, शेष अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। जेल से जमानत पर आए लोग धमकी दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर धमकी भरे पोस्ट और वीडियो वायरल कर रहे हैं। झूठे मुकदमे में फंसाने को धमका रहे हैं। लेकिन, इस मामले में पुलिस कुछ भी नहीं कर रही है।
नीरू सागर के साथ गंगापुर के ताराचंद्र, हरि सागर, हरिशंकर, जमुना प्रसाद भी थे। इन लोगों ने भी आयोग के अध्यक्ष को बताया कि विपक्षी उन लोगों पर समझौता कर लेने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस के शांत होने से विपक्षियों की धमकी से वह लोग डरे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में इसी तनाव के बीच कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।