सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तराखंड बनने के बाद उत्तर प्रदेश में पर्यटन उद्योग बहुत कम हो गया है। रामायणकालीन अयोध्या और महाभारतकालीन पांचाल नगरी जैसे पौराणिक स्थलों को पर्यटन उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक जलसंरक्षण के लिए तालाब विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। घाघरा का नाम बदलकर सरयू नदी कर दिया गया है।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से रामायणकालीन अयोध्या के अलावा महाभारतकालीन अहिछत्र, पांडवों के अज्ञातवास का स्थान, लीलौर झील आदि पौराणिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। जल्द ही यह परियोजनाएं मूर्तरूप लेंगी। विलुप्त हो चुकी तमसा नदी, अयोध्या की सरयू, इलाहाबाद की सरस्वती और रुहेलखंड की अरिल नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। गंडक, रावती, रोबिन और सरयू नदियों के किनारे भी पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इन्हें उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा और पंजाब के पर्यटकों से जोड़कर पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। बरेली में मध्यगंगा नहर परियोजना को संभल होते हुए आंवला, बिथरी और बदायूं तक विकसित करने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। यहां अरिल नदी के माध्यम से बदायूं तक पानी पहुंचाया जाएगा।
( अमर उजाला इंपैक्ट)
जेल जाएंगे नहर, नदियों की जमीनों पर कब्जा करने वाले
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सपा सरकार में नदियों और नहरों की जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफिया चिह्नित कर लिए गए हैं। योगी सरकार में ऐसे किसी भूमाफिया को छोड़ा नहीं जाएगा। वे या तो सरकारी जमीन छोड़ेेंगे या फिर जेल जाएंगे।
अमर उजाला ने हाल ही में नहरों और नदियों की जमीनों पर अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान चलाया था। इसका संज्ञान लेकर प्रदेश सरकार ने भूमाफिया के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सिंचाई मंत्री बोले, पहले टेल तक पानी पहुंचाने की बात कही जाती थी लेकिन योगी सरकार में खेत तक पानी पहुंच रहा है। साल में एक बार नहरों की सिल्ट सफाई होगी।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं मेें विलंब और भ्रष्टाचार में लिप्त 132 अफसरों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें 32 अफसर निलंबित हुए हैं। सिंचाई विभाग ने पूरे प्रदेश में 20437 परिसंपत्तियां चिह्नित कीं, जिनका एरिया 3.65 लाख हेक्टेयर है। इनमें 5064 भूमाफिया ने 4980 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर रखा है। 861 परिसंपत्तियां (1028 हेक्टेयर) मुक्त कराई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नहर, नदी और तालाबों पर कब्जा कर कॉलोनी निर्माण, बारातघर, शॉपिंग माल, निजी आवास और अन्य निर्माण कराने वाले भूमाफिया उनके रडार पर हैं। योगी सरकार जल्द ही इनको जेल भेजने का काम करेगी। कानपुर और बरेली समेत कई शहरों में नहर और नदियों की जमीनों पर मकान बन गए हैं। ऐसे लोगों से सर्किल रेट के हिसाब से जमीन का पैसा लेकर उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा। कब्जा कराने वाले सिंचाई विभाग और बीडीए के अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
छह माह में 109 राजकीय नलकूप लगाए
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि योगी सरकार के छह माह के कार्यकाल में प्रदेश में 109 नए राजकीय नलकूप लगाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जी की पहल इजरायल पद्धति पर आधारित ‘मोर ड्राप, मोर क्राप’ के आधार पर प्रथम चररण में 40 नलकूपों पर काम किया जाएगा। खेत में स्प्रिंकलर पद्धति लगाने वाले किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। नहर की पटरियों पर 275 करोड़ से सड़कें गड्ढामुक्त होंगी।