फ्रांस से आया एक पर्यटक करेंसी बदलने के लिए इधर-उधर भटकने के बाद एसबीआई मेन ब्रांच पहुंच गया। बैंक कर्मियों ने मिलकर पांच हजार रुपये एकत्र कर विदेशी को उपलब्ध कराए। साथ ही शनिवार में तमाम पेंशनरों ने पुरानी नकदी अपने खातों में जमा कराई।
फ्रांसीसी पर्यटक तकी गुलैक अपने दोस्तों से मिलने बरेली आया था। रास्ते में उसकी वैलिड करेंसी खत्म हो गई। खान पान भी पुरानी करेंसी से नहीं मिला तो किसी वह एसबीआई मेन ब्रांच पहुंचा। ब्रांच चीफ मैनेजर सुनील शर्मा से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया और 11,500 (पांच पांच सौ नोट) बदलने का आग्रह किया। मैनेजर ने नोट बदलने से इंकार कर दिया क्योंकि शनिवार को करेंसी चेंज सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों के लिए हो रहा था। भूखे प्यासे पर्यटक को मैनेजर ने नाश्ता पानी तो करा दिया, लेकिन नोट बदलने की जुगाड़ कैसे हो इसका विकल्प तलाशा गया। नेहा शर्मा आदि कमिर्यों ने सुझाव दिया कि सब लोग मिलकर पांच हजार रुपये अपने स्तर पर बदल दें। आपसी सहमति से एकत्र रुपये विदेश पर्यटक को सौंपे गए। इससे वह काफी गदगद दिखा और दिल्ली रवाना हो गया।
पेट्रोल पंप पर दो हजार कैश
एसबीआई ने तीन पेट्रोल पंपों पर दो हजार रुपये कैश उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। पटेल चौक, एकता नगर और मिनी बाईपास स्थित एचपीसी कंपनी संचालित पंपों पर कैश स्वीप मशीन से बदले गए।
करेंसी बदली 5.50 करोड़ रुपये
करेंसी बदलने पहुंचे 35 हजार
जमा राशि 410 करोड़ रुपये
डाक विभाग पहुंचा गांव, बदली करेंसी
डाक विभाग ने तीन गांवों में खाते खुलवाकर एक-एक हजार रुपये दिए। प्रवर डाक अधीक्षक रामेश्वर दयाल ने बताया कि शनिवार में गुंसा, मंडनपुर, ग्रेम गांवों में खाते खोले गए। रविवार में गांव तिलिया पुर, मेहतर पुर और धनेटा डाकघरों में खाते खोल कर वैलिड करेंसी दी जाएगी। डाक अधीक्षक ने बताया कि एक खाते पर एक हजार रुपये ही दिए जाएंगे।