बहेड़ी (बरेली)। बरेली दंगे में विदेशी पिस्टल समेत अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। ऐसी ही एक विदेशी पिस्टल और अन्य अवैध असलहे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने असलहों के सप्लायर गफ्फार खान को रिमांड पर लेकर यह कार्रवाई की है। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर ये हथियार एक ईंट भट्ठे से बरामद किए गए।
बहेड़ी इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम मंगलवार को न्यायालय की अनुमति से गफ्फार खान को जेल से रिमांड पर लाई। उसकी निशानदेही पर नारायण नगला सड़क पर बंद पड़े एक ईंट भट्ठे में छिपाए गए असलहों का थैला बरामद हुआ।
बरामद हथियारों में एक 7.65 बोर की विदेशी पिस्टल, सात कारतूस, दो देशी तमंचे और पांच 315 बोर के कारतूस शामिल हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि बरेली दंगों के दौरान भी गफ्फार ने दंगाइयों को असलहे मुहैया कराए थे। इन असलहों का इस्तेमाल दंगा भड़काने में किया गया था। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
गफ्फार और साथियों पर दर्ज हुआ था मामला
इंस्पेक्टर शर्मा ने बताया कि गफ्फार खान उत्तराखंड के रुद्रपुर के थाना किच्छा क्षेत्र का निवासी है। उस पर बरेली दंगे के दौरान दंगाइयों को हथियार सप्लाई करने का आरोप है। इस मामले में 19 फरवरी को तस्लीम, सोमू खान उर्फ औशाफ, इशरत अली, गफ्फार खान, समी और फरहत अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने गफ्फार खान और समी को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। पहले सोमू खान उर्फ औशाफ और अन्य को पांच पिस्टल और 38 कारतूस ले जाते पकड़ा गया था। उन्होंने बताया था कि वे ये हथियार गफ्फार खान और समी को देने जा रहे थे।
उत्तराखंड के नेता ने साधी चुप्पी
गफ्फार खान का नाम बरेली दंगे में हथियार सप्लाई करने को लेकर आने पर उत्तराखंड के एक नेता उसके बचाव में उतर आए थे। उन्होंने बरेली के पुलिस अधिकारियों से भी बात की थी। हालांकि, गफ्फार से इतनी बड़ी बरामदगी होने के बाद उस नेता ने चुप्पी साध ली है। इस घटनाक्रम ने नेता की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।