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गेहूं की कम खरीद पर भड़के खाद्य आयुक्त बोले- लापरवाह अफसरों को सस्पेंड करो

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बैठक करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 56 फीसदी खरीद, शाहजहांपुर सबसे ज्यादा फिसड्डी, बरेली दूसरे नंबर पर
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बरेली। मंडल में सरकारी खरीद केंद्रों पर अब तक लक्ष्य का सिर्फ 56 फीसदी गेहूं ही खरीदा जा सका है, जबकि लक्ष्य पूरा करने में अब सिर्फ 10 दिन का ही समय बाकी है। आयुक्त सभागार में गुरुवार को गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए खाद्य आयुक्त मनीष चौहान भड़क गए। उन्होंने आरएमओ और आरएफसी को निर्देशित किया कि खरीद में जो भी संस्था लापरवाही कर रही है, उसके जिला प्रबंधक और सेंटर इंचार्ज को सस्पेंड कर शासन को अवगत कराएं।
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समीक्षा बैठक में खाद्य आयुक्त मनीष चौहान को बताया गया कि बरेली सहित मंडल के दूसरे जिलों में 568 क्रय केंद्रों का संचालन हो रहा है। इन सभी केंद्रों को 15 जून तक 735000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदना है, लेकिन अब तक सिर्फ 8945.34 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा जा सका है। गेहूं खरीद में मंडल में सबसे ज्यादा फिसड्डी शाहजहांपुर रहा है। वहां 51.5, बरेली में 52.81 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। खाद्य आयुक्त यह जानकर बेहद नाराज हुए कि मंडल में अब तक केवल 56 फीसदी ही गेहूं की खरीद हुई है। सबसे ज्यादा खराब हालत पीसीएफ, यूपीएसएस, पीसीयू और कर्मचारी कल्याण निगम की है। उन्होंने क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक प्रमोद श्रीवास्तव, आरएमओ राममूर्ति वर्मा को निर्देशित किया कि दो-तीन दिन में ही सभी जगह गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा कराएं। जो भी जिला प्रबंधक या सेंटर इंचार्ज लापरवाही कर रहे हैं, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर शासन को इसकी रिपोर्ट भेजें। इस मौके पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद, डीसी फूड राजन गोयल, डीएसओ सीमा त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ सुनील भारती के अलावा मुरादाबाद के अफसर भी मौजूद रहे।

सेंटरों पर गेहूं बेचने वाले किसानों का करोड़ों का पेमेंट फंसा

- मंडल में अब तक किसानों से 80154 लाख रुपये का गेहूं खरीदा गया है, लेकिन भुगतान केवल 69570 लाख रुपये का ही हुआ है। यह करीब 87 प्रतिशत है। खाद्य आयुक्त ने जिला प्रबंधकों से इसका कारण पूछा तो पीसीएफ, यूपीएसएस सहित कई संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि बजट की कमी से भुगतान में देरी हुई है। बाकी किसानों को भी पेेमेंट किया जा रहा है।

प्रवासी श्रमिकों के कम राशनकार्ड बनने पर जताई नाराजगी

- लॉकडाउन के दौरान हजारों प्रवासी श्रमिक लौट कर आए हैं लेकिन उनके राशनकार्ड बहुत कम संख्या में बन पाए हैं, इस पर नाराजगी जताते हुए खाद्य आयुक्त ने पूर्ति विभाग के अफसरों को निशाने पर लिया। डीसी फूड राजन गोयल ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों के बरेली में 1301, पीलीभीत में 1068, शाहजहांपुर 3407 और बदायूं में 1524 ही राशनकार्ड बने हैं।
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