बरेली। जिले में 23 जुलाई से शुरू हुआ मुंहपका-खुरपका (एफएमडी) रोग से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान फेल साबित हो रहा है। छह लाख लक्ष्य के सापेक्ष अब तक सिर्फ 60 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा सकी है। शहर में संचालित करीब 350 डेयरियों तक पशुपालन विभाग की टीमें झांकने तक नहीं पहुंचीं। डेयरी संचालक और पशुपालक बाजार से वैक्सीन खरीदकर पशुओं का टीकाकरण करा रहे हैं।
23 जुलाई को अभियान शुरू हुआ तो इसमें 300 पशुमित्र और 70 विभागीय कर्मचारी लगाए गए थे। इस बीच पशुमित्रों कार्य बहिष्कार कर दिया। अब पूरे अभियान की जिम्मेदारी महज 70 कर्मचारी ही निभा रहे हैं। नगर निगम में पंजीकृत 350 डेयरियों में तीन हजार से ज्यादा पशु हैं। पशुपालन विभाग ने इनके टीकाकरण के लिए चार टीमें लगाई हैं, पर वे कहीं नजर नहीं आ रही हैं।
कुछेक टीमें मोहल्लों में पहुंचकर एक घर या डेयरी में पशुओं को टीका लगा कर बड़ी संख्या में सहमति पत्र भरवाकर विभाग को भेज रहीं हैं। समय रहते यदि व्यापक स्तर पर टीकाकरण नहीं हुआ तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। खुरपका-मुंहपका तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है। इससे दूध उत्पादन प्रभावित होता है।
पशुपालक बोले- खरीदकर लगवा रहे वैक्सीन
टीकाकरण के लिए कोई टीम नहीं आई। बीते दिनों एक पशु बीमार हुआ तो बाजार से 530 रुपये की वॉयल खरीदकर पशुओं का टीकाकरण कराया। - अर्चित यादव, शांति विहार
किसी टीम ने संपर्क नहीं किया। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए बाजार से खरीदकर निजी डॉक्टर को बुलाकर वैक्सीन लगवाई। - मो. मुर्शद, शहदाना
वर्जन
पशुमित्रों के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण अभियान पर कुछ असर है। हालांकि, विभागीय कर्मचारी लगातार टीकाकरण कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र में भी चार टीमें लगाई गई हैं। - डॉ. ओपी वर्मा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी