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नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ फूल बाबू ने खोला मोर्चा

Fri, 18 Dec 2015 01:37 AM IST
बरेली
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बरेली। बीसलपुर विधानसभा से तीन बार विधायक रहे चुके अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू ने बृहस्पतिवार को बाकायदा प्रेस को बुला कर बसपा राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर धन वसूली समेत कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सिद्दीकी ने पूरी पार्टी हाईजैक कर अनुशासन की जगह गुलामी प्रथा लागू कर दी है। इससे सभी समर्पित और पुराने कार्यकर्ता बेचैन हैं।
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पिछले दिनों पार्टी से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक फूल बाबू ने सिविल लाइन स्थित एक होटल में प्रेस वार्ता में कहा कि जब से सिद्दीकी को कोआर्डिनेटर बनाया गया है तब से विधान सभा प्रत्याशी बनाने की बोली लगने लगी है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों उनसे डेढ़ करोड़ रुपये मांगे गए, नहीं देनेे पर पार्टी से निकाल दिया। सिद्दीकी ने तमाम कद्दावर मुस्लिम नेता बसपा से बाहर करा दिए। पार्टी में उभरते बाबू सिंह कुशवाहा, धर्मेद्र कश्यप, हीरालाल कश्यप, समेत कई नेता किनारे करा दिए। जिला पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए एक करोड़ और प्रमुखी के लिए पचास लाख रुपये मांगे जा रहे हैं।
अपने को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए फूल बाबू ने कहा वह 25 वर्षो से पार्टी में सेवा कर रहे हैं। उन्होंने मुस्लिमों से आह्वान किया कि वे मुस्लिम विरोधी सिद्दीकी से दूरी बनाए और सिद्दीकी के कहने पर वोट न दें। साथ ही बसपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गुलामी संस्कृति से निजात पाने को ‘नसीमुद्दीन हटाओ, बसपा बचाओ’ नारा साकार बनाएं। अगर सिद्दीकी को पार्टी से बाहर नहीं गया किया तो आम जनता चुनाव में खुद पार्टी को सबक सिखा देगी। प्रेसवार्ता में जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष संजीव सागर समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
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पार्टी विरोधी गतिविधियों में निकाला: सिद्दीकी
बरेली। राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा है कि फूल बाबू पार्टी विरोधी गतिविधियां और पंचायत चुनाव में अधिकृत प्रत्याशियों के विरोध में काम करने के आरोप में पार्टी से निकाला गया है। 1996 में सबसे पहले टिकट उनके द्वारा ही दिलाया गया। सिद्दीकी ने सवाल किया कि उन्हें तीन बार विधायक बने और मंत्री बनाया गया तो कितना पैसा दिया? वर्ष 2012 में क्यों टिकट कटा, तब पैसा लेने का आरोप क्यों नहीं लगाया। बहिन जी के नाम पर अजमेर में चादर चढ़ा दी इसके पैसे तक नहीं दिए। यूपी लोकायुक्त ने क्यों भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया ? इस बार पीलीभीत जिलाध्यक्ष हरीराम गौतम, मंडल कोआर्डिनेटर राम स्नेही और केदार नाथ समेत कई प्रमुखों की रिपोर्ट पर ही पार्टी से निकाला गया है।

डीपी भारती भी आउट
पूर्व विधायक फूल बाबू का झंडा उठाने वाले पूर्व जोनल कोआर्डिनेटर डीपी भारती को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। संगठन भारती समेत कई नेताओं पर निगरानी करा रहा था। फूलबाबू की प्रेस वार्ता में भारती ने कमान संभाल रखी थी। बताया जाता है कि अभी कुछ नेताओं पर गाज गिर सकती है।
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