उफान पर बह रही गर्रा नदी
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दो महीने पहले बाढ़ से हुआ था काफी नुकसान
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व में आई गर्रा नदी की बाढ़ से अस्पताल में काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। इसको देखते हुए निर्णय लिया गया है। प्रशासन की ओर से एनाउंसमेंट कराकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की जा रही है, इसके साथ ही नाव की व्यवस्था कराई गई।
जुलाई में गर्रा व खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के कई वार्डों में बाढ़ का पानी आ गया था। लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। घरों में पानी घुसने से फर्नीचर, फ्रिज, टीवी, कपड़े आदि घरेलू सामान खराब हो गया था। उस समय आई बाढ़ से लोग निकल भी नहीं सके थे कि एक बार फिर बाढ़ के पानी ने लोगों को परेशान कर दिया है। वहीं, गर्रा नदी में गिरने वाले नाले से पानी वापस आने लगा है। इसकी वजह से सोमवार को सुभाषनगर की गलियों में पानी भर गया।
बाढ़ से संपर्क मार्ग कटा
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बरहा मोहब्बतपुर और आजमाबाद गांव में घुसा पानी
गर्रा की बाढ़ से तटवर्ती गांव बरहा मोहब्बतपुर में भूमि कटान कर पानी गांव के गलियारे में घुस गया है। आजमाबाद में भी कुछ घरों के आसपास पानी पहुंच जाने से ग्रामीण परेशान हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ सुधीर और जेई अनिल कुमार ने ईंट रोड़ा से भरीं बोरियां भरकर कटान वाले स्थान पर लगवाईं। नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने कानूनगो अवधेश वाजपेयी के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत और बचाव कार्य तेज कराए।
रहा की ग्राम प्रधान अनामिका गुप्ता ने बताया कि गांव के पश्चिम दिशा में कटान हो रहा है। आजमाबाद में पानी गांव के सुआलाल, अखिलेश और रामसेवक के घरों के दरवाजे तक पहुंच गया। क्षेत्र की लेखपाल अंशु वाजपेयी ने नाव से आजमाबाद जाकर बाढ़ से हो रहे नुकसान का जायजा लिया। गर्रा के तटवर्ती ढकिया रघा, जिकरीपुर ,चिती बोझी, घनश्यामपुर, बिहारीपुर, आजमाबाद, प्रहलादपुर, विट्ठलपुर, रटा रटी आदि गांव बाढ़ से घिर गए हैं।