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Bareilly News: प्रदेश स्तर पर लहराया परचम, अब खिलाड़ियों को दक्ष कर रहीं दीक्षा

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बरेली। जूडो खेल में प्रदेश स्तर पर कई पदक जीत चुकीं शहर के संजय नगर में रहने वालीं 25 वर्षीय दीक्षा, आज सिर्फ खुद के खेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वह जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को पंख दे रहीं हैं। अनुशासन, मेहनत और अनुभव के दम पर उन्होंने नवंबर में राजस्थान में होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हाल ही में क्वालीफाई किया है।
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दीक्षा का खेल सफर वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। तब वह कक्षा नौ में पढ़ती थीं। स्कूल में साथी खिलाड़ियों को अभ्यास करते देख उनके मन में भी खेल के प्रति रुचि जगी। इसके बाद उन्होंने नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। नतीजा यह रहा कि कुछ ही वर्षों में उन्होंने प्रदेश स्तर पर कई स्वर्ण पदक अपने नाम किए और सात बार ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। उन्होंने नवंबर में राजस्थान में होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए हाल ही में क्वालीफाई किया है। खेल के साथ-साथ वह मंगल दल की अध्यक्ष भी हैं। दीक्षा बताती हैं कि एक खिलाड़ी से प्रशिक्षक बनने तक की यात्रा में उन्होंने हमेशा तकनीक और रणनीति को महत्व दिया। वह प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों की गलतियों को सुधारने के साथ-साथ उन्हें खेल की बॉडी पोजिशन, मूवमेंट और मानसिक मजबूती पर भी ध्यान देने की सलाह देती हैं। संवाद


शिष्यों को खूब भाता है दीक्षा के सीखाने का तरीका
फरीदपुर की रहने वाली 11 वर्षीय काव्या ने बताया कि दीक्षा खेल की तकनीक और बॉडी पोजिशनिंग को इतने सरल तरीके से समझाती हैं कि उसे अपनाना आसान हो जाता है। काव्या के अनुसार, शुरुआत में उनका उद्देश्य केवल डिफेंस सीखना था, लेकिन दीक्षा ने उनके खेल को समझकर आक्रामक और रणनीतिक ढंग से खेलने की सलाह दी। इसी का परिणाम है कि कम उम्र में ही प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
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नियमित तौर पर करती हैं प्रेरित
11 वर्षीय नित्या ने बताया कि स्कूल में दीक्षा को अन्य खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते देखा तो उनका भी रुझान जूडो की ओर हुआ। दीक्षा बेहद सहजता से खेल की बारीकियां सिखाती हैं और खिलाड़ियों को भरोसा दिलाती हैं कि वे भी बड़े स्तर पर खेल सकते हैं। नित्या का कहना है कि दीक्षा के मार्गदर्शन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है और वह आने वाले समय में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हुईं हैं।
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