बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने युवती के अपहरण के दोषी अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव गैनी निवासी अनिल को बृहस्पतिवार को पांच साल की कैद और 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। हालांकि, उसको दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिया।
बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने 10 जनवरी 2019 को अनिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि रिश्तेदार के जरिये उसकी अनिल से जान-पहचान हुई थी। अनिल ने रेलवे में अच्छी जान-पहचान की बात कही। रिश्तेदार के कहने पर वह सात जनवरी को अनिल से मिलने बरेली आया। अनिल ने उसकी बेटी की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बरेली जंक्शन पर उसकी बेटी से फॉर्म भरवाया और कहा कि अब उसका इज्जतनगर रेलवे अस्पताल में मेडिकल होगा।
वह बेटी के साथ इज्जतनगर रेलवे अस्पताल पहुंचा। वहां अनिल उसकी बेटी को एक कमरे में ले गया और वहां से दोनों लापता हो गए। अनिल ने उसकी बेटी का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया।
पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। अभियोजन पक्ष दुष्कर्म के आरोप साबित करने में नाकाम रहा। संवाद