बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने गोवध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एक दोषी को पांच साल की कैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव गूजर गौटिया निवासी रामराज ने 17 जून 2023 को गांव मेवा शर्फापुर के आरिफ, फातूना, तसब्बर खां उर्फ फौजी और नाहर खां के खिलाफ गो हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पड़ोसियों की मदद से उसने आरिफ को मौके से ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। अन्य तीन आरोपी मौके से भाग गए थे।
विवेचना के बाद पुलिस ने जून 2023 में चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन की ओर से सात गवाह और नौ साक्ष्य पेश किए गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरिफ को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि साक्ष्याें के अभाव में फातूना, तसब्बर खां उर्फ फौजी और नाहर खां को दोषमुक्त करार दिया।