पालतू पशु का कराएं टीकाकरण, काटे या खरोंचे लगवाएं वैक्सीन
डॉ. अब्बास के मुताबिक पालतू पशु के साथ परिवार के सदस्य इस कदर घुल मिल जाते हैं कि उन्हें अहसास नहीं होता कि ये जानलेवा हो सकता है। जागरूक लोग पशु का नियमित टीकाकरण कराते हैं पर ज्यादातर लोग वैक्सीन खर्च की वजह से वैक्सीन नहीं लगवाते। लोगों से अपील की है कि पालतू पशु को एंटी रैबीज टीकाकरण जरूर कराएं। काटे, खरोंचे तो खुद भी 24 घंटे में एआरवी लगवाएं, जो निशुल्क है।
पालतू पशु में यूं प्रवेश करता है रैबीज वायरस
आईवीआरआई रेफरल पॉलीक्लीनिक के प्रभारी प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अमरपाल के मुताबिक पालतू पशु को अगर कोई संक्रमित पशु काट ले या फिर उसकी लार के संपर्क में आए तो उनमें रैबीज का वायरस प्रवेश कर जाता है। इसके अलावा संक्रमित जानवर जहां बैठते हैं वहां अगर घाव के अंश गिर जाएं तो उनके संपर्क में आने से भी रैबीज हो सकता है। लेकिन पशु का टीकाकराण पूर्व में हुआ है तो वायरस नष्ट हो जाता है।