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Bareilly News: आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी को पांच साल की कैद

Mon, 18 May 2026 12:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश रामानंद ने आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी बदायूं के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव दबतोरी निवासी यशपाल गुप्ता को शनिवार को पांच साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
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यशपाल गुप्ता के खिलाफ जीआरपी बरेली जंक्शन ने अपमानित करने, पीटने, धमकी देने और रंगदारी मांगने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। उसने राशन डीलर ओमेंद्र को धमकाया था। उसकी पिटाई भी की थी और मौत का डर दिखाकर रंगदारी मांगी थी। इससे तंग आकर ओमेंद्र ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी। विवेचना के बाद जीआरपी ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
सुनवाई के दौरान दोषी के वकील ने तर्क दिया कि वह 60 वर्ष का है और एक पैर से दिव्यांग है। ऐसे में उसे कम से कम सजा दी जाए। अभियोजन पक्ष ने कठोर सजा की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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धोखाधड़ी और विश्वासघात के दोषी पूर्व प्रधान को तीन साल की कैद

1.77 लाख रुपये हड़पने का मामला, कोर्ट ने 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
बरेली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार मिश्रा ने धोखाधड़ी और विश्वासघात के दोषी सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव तिलियापुर के पूर्व प्रधान सत्य प्रकाश को तीन साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की आधी रकम वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है।
तिलियापुर गांव निवासी जाबिर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव में उसकी किराने की दुकान है। सत्यप्रकाश वर्ष 2005 से 2010 तक गांव का प्रधान रहा। इस दौरान गांव के परिषदीय विद्यालय में मिड-डे मील का सामान जाबिर की दुकान से जाता था। प्रधान उसको प्रधानाध्यापक और अपने हस्ताक्षर की पर्ची दे देता था। इस तरह उसकी दुकान से प्रधान ने मिड-डे मील के नाम पर 1.77 लाख रुपये से ज्यादा का सामान ले लिया।

दो जून 2013 को रुपयों के लिए तकादा करने पर सत्य प्रकाश ने उसको धमकी दी और एससी-एसटी एक्ट के मामले में जेल भिजवाने की बात कही। रिटायर्ड प्रधानाध्यापक समेत अन्य गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने सत्य प्रकाश को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।

एनडीपीएस एक्ट के चार आरोपी फरार घोषित, स्थायी वारंट जारी

बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने एनडीपीएस एक्ट के चार आरोपियों को फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया है। एसएसपी को आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।

बदायूं कोतवाली क्षेत्र के नई सराय निवासी राजू के खिलाफ कोतवाली बरेली में वर्ष 2012 में, बरेली कोतवाली के मोहल्ला कटी कुइयां निवासी शाकिर उर्फ टीटी के खिलाफ कोतवाली में वर्ष 2007 में, आदर्श कॉलोनी सिविल लाइंस मुरादाबाद निवासी चेतन के खिलाफ बरेली कोतवाली में वर्ष 2013 में और लखनऊ के थाना चारबाग के ऐशबाग मकान नंबर-109 निवासी इखलाख के खिलाफ कोतवाली में वर्ष 2004 में एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था। चारों आरोपी काफी समय से कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे। ऐसे में कोर्ट ने स्थायी वारंट जारी करते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया है।
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पीड़िता और गवाह हुए पक्षद्रोही, पॉक्सो एक्ट का आरोपी दोषमुक्त

ससुराल से गवाही देने आई पीड़िता, मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं
बरेली। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट हेमेंद्र कुमार सिंह ने फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सुनील कुमार को शनिवार को पॉक्सो एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया। इस मामले में पीड़िता और चार गवाह बयानों से मुकर गए। कोर्ट ने उनको पक्षद्रोही घोषित कर दिया। मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई।

फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 साल की बेटी 16 जून 2022 को खेत पर गई थी। वहां सुनील ने तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। जान से मारने की धमकी दी और तमंचा लहराता हुआ भाग गया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उसकी मां और पिता समेत नौ गवाह पेश किए।
प्रतिपरीक्षा में पीड़िता, उसकी मां और पिता समेत चार गवाह बयान से मुकर गए। ससुराल से बयान देने आई पीड़िता ने स्पष्ट कहा कि सुनील ने उसके साथ कोई गलत काम नहीं किया। उसके पिता, मां और प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी बयान से पलट गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनील को दोषमुक्त करार दिया है।
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मृतक को जमानती बनाने के मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश

अगली सुनवाई 16 जून को, एसीजेएम प्रथम कोर्ट का एक लिपिक भी है आरोपी
बरेली। मृतक को जमानती बनाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार दुबे ने परिवाद दर्ज करने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की है। इस मामले में एसीजेएम प्रथम कोर्ट का एक तत्कालीन लिपिक राजकुमार भी आरोपी है।
बारादरी थाना क्षेत्र के रोहिली टोला निवासी शारिक अब्बासी ने बारादरी थाने में साजिद, रईस मियां, शमशाद हुसैन, नजीबुर्रहमान, इदरीश मियां, सईद मियां और अब्दुल शब्बीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार्जशीट दाखिल होने के बाद शमशाद हुसैन समेत चार आरोपियों ने 23 अक्तूबर 2024 को कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी दी। जमानत अर्जी मंजूर होने पर आरोपियों ने जमानती पेश किए। एक आरोपी ने मदीना मस्जिद के पास चक महमूद निवासी अनीस अहमद को जमानती के रूप में पेश किया। शारिक अब्बासी का आरोप है कि अनीस अहमद की मौत 27 जून 2023 को हो चुकी है। अनीस का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है।

शारिक का आरोप है कि लिपिक ने साठगांठ कर मृतक को जमानती बना दिया। शारिक ने इस मामले में आरोपी लिपिक समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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