छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की तर्ज पर कूड़ा निस्तारण करने के प्रयास शुरू
बरेली। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर की तर्ज पर वार्डों में कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शहर की सफ ाई व्यवस्था सुधारने के लिए अभी शुरूआती तौर पर पांच वार्डों का चयन किया गया है। मॉडल सफल रहा तो इसे पूरे निगम क्षेत्र में लागू किया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इस मॉडल के तहत कूड़ा निस्तारण की विकेंद्रीकरण की व्यवस्था होगी। अभी पहले चरण में प्रयोग के तौर पर पांच वार्डों का चयन कर लिया गया है। इन वार्डों में एक-एक क्लस्टर लगा दिया गया है। क्लस्टर में गीले-सूखे कूड़े को अलग करने और कंपोस्टिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि इसमें कबाड़ बीनकर परिवार चलाने वाली महिलाओं को शामिल किया जाएगा। उनका नगर निगम में पंजीकरण कराया जाएगा और इसके अलावा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें दिलवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक यह महिलाएं कबाड़ बीनकर शहर की बड़ी कबाड़ की दुकानों पर बेंच देती है। इससे इन्हें सही दाम भी नहीं मिल पाता है। हम इन्हें यहां मिलने वाले दामों से अच्छा दाम दिलाएंगे। अभी प्रथम चरण में इंदिरानगर, आवास विकास, रामपुर बाग, जनकपुरी और भूड़ को शामिल किया है।
खाद बनाकर वार्ड में ही खपत की जाएगी
किचन और सब्जी मंडी से निकलने वाले फ ल व सब्जियों के कचरे से कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। इसकी भी आमदनी महिलाओं को दी जाएगी। वार्ड में ग्रीनरी लगाने वालों को जोड़कर उन्हें यह खाद दी जाएगी। इससे वार्ड से निकलने वाले कचरे का उसी वार्ड में निस्तारण हो जाएगा और उसी वार्ड में उसकी खपत भी हो जाएगी।
क्या है अंबिकापुर मॉडल
इसके तहत कूड़ा घर-घर से उठाया जाता है। कूड़े को अलग-अलग किया जाता है। इसके बाद ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होता है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समुदाय आधारित स्वयं सहायता समूह बनाकर यह काम होता है।