फतेहगंज पश्चिमी। गांव धनेटा में शुक्रवार रात कुत्तों के हमले में धनेटा फाटक के पास रहने वाले मीलाल, नरेंद्र, बबलू, चौधरी व जयपाल जख्मी हो गए। परिजन उनको मीरगंज सीएचसी ले गए। वहां एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध नहीं होने पर उनको हुरहुरी पीएचसी ले जाया गया। घायलों ने बताया कि गांव में बंदरों और कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। छुट्टा पशुओं को पकड़वाने की मांग भी कई बार की गई है, पर कोई समाधान नहीं हुआ।
मीरगंज सीएचसी में एआरवी उपलब्ध नहीं
मीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 11 जुलाई से एआरवी का स्टॉक समाप्त हो गया है। इस कारण प्रतिदिन आने वाले 40-50 लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुत्ते, बंदर या अन्य जानवरों के काटने के बाद लोग वैक्सीन के लिए सीएचसी आते हैं। यहां से उनको दूसरी स्वास्थ्य इकाइयों का रुख करना पड़ रहा है।
वर्जन
वैक्सीन की मांग भेजी है। पीएचसी जाम और हुरहुरी पर वैक्सीन उपलब्ध हैं। सीएचसी आने वाले मरीजों को इन केंद्रों पर भेजा जा रहा है। धनेटा में कुत्तों के हमले में घायल हुए पांच लोगों को पीएचसी हुरहुरी भेजकर वैक्सीन लगवाई गई है। - डॉ. वैभव राठौर, सीएचसी अधीक्षक