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पश्चिम बंगाल और नेपाल के चार लोगों से साढ़े पांच किलो सोना बरामद

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Five and a half kg gold recovered from four people of West Bengal and Nepal
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सीबीगंज। नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने दिल्ली से कार में लाया जा रहा साढ़े पांच किलो सोना बरामद किया है। कार में सवार पश्चिम बंगाल के तीन और एक नेपाली नागरिक ने खुद को दिल्ली की एक फर्म का कर्मचारी बताते हुए सोना आलमगीरीगंज के सराफ के पास पहुंचाने की बात कही। मगर दस्तावेज न दिखा पाने के चलते सोने को जब्त करके ट्रेजरी में जमा कराया गया है। जांच की जा रही है।
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रविवार सुबह मजिस्ट्रेट की निगरानी में झुमका तिराहा पर चल रही चेकिंग के दौरान टीम ने दिल्ली की ओर से आई अर्टिगा कार को रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार लोग लोग कार लेकर भगाने लगे। इस पर एसआई मुकेश कुमार ने घेराबंदी कर कार रुकवा ली। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी में बनी तिजोरी में करीब साढ़े पांच किलोग्राम सोना बरामद हुआ।
पूछताछ में कार सवार लोगों ने अपने नाम गौतम प्रभानी निवासी सीबुल्लन थाना बागरान पश्चिम बंगाल, इंद्रजीत सामंत निवासी सीताकुंडू थाना दासपुर जिला पश्चिमी मिदनापुर पश्चिम बंगाल, कृष्णचंद्र दास निवासी बुगलीपुर थाना खाराखुल हुगली पश्चिम बंगाल और कार चालक भरत चंद निवासी खीरपाटा कैलाश मंडू जिला बाबूरा, नेपाल बताया। पूछताछ में चारों ने खुद को नई दिल्ली के करोलबाग रैगरपुरा स्थित स्वानता आभूषण ज्वेलर्स कंपनी का कर्मचारी बताया। कहा, वह सोना आलमगीरीगंज के आरबी ज्वेलर्स के मालिक गिरीश चंद्र अग्रवाल के ऑर्डर पर लेकर आए हैं।
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पूरे दिन चली जांच पड़ताल : पुलिस की सूचना पर इनकम टैक्स कमिश्नर और जीएसटी के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बरामद सोने के बिल की जांच की। सुबह से शाम तक जांच और पूछताछ चलती रही लेकिन अफसर संतुष्ट नहीं हो सके। इंस्पेक्टर सीबीगंज ओपी सिंह गौतम ने बताया कि पूरे दस्तावेज न दिखा पाने के चलते बरामद सोने को ट्रेजरी में रखवा दिया गया है। जांच पूरी होने तक सोना वहां जमा रहेगा।
व्यापारियों ने किया विरोध : सोना पकड़े जाने की सूचना पर आरबी ज्वेलर्स के मालिक गिरीश चंद अग्रवाल और कई व्यापारी नेता मौके पर पहुंच गए। उन लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए जांच के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
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