परिवार न्यायालय में वाद विचाराधीन होने के बाद भी दूसरी शादी रचाना पति को महंगा पड़ गया। कोर्ट का आदेश लेकर शादी समारोह में पहुंची पहली पत्नी ने पुलिस के साथ जाकर शादी रुकवा दी। इससे समारोह में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सीतापुर जिले के गांव सकरन निवासी साधना वर्मा ने बताया कि उनकी शादी बिसवां खुर्द (सीतापुर) निवासी अजीत सिंह के साथ करीब पांच साल पहले हुई थी। दोनों ने आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। कुछ दिनों तक रिश्ते काफी मधुर रहे, लेकिन बाद में पति ने दहेज की मांग शुरू कर दी।
मांग पूरी न होने पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पति अजीत सिंह ने उसे और पिता को जान से मार देने की धमकी दी। शुक्रवार को जानकारी हुई कि पति लखीमपुर शहर में गोला रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में दूसरी शादी रचा रहा है।
इस पर उन्होंने अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय द्वितीय सीतापुर की अदालत में शादी रुकवाने की अर्जी दी। कोर्ट ने पुलिस को शादी रुकवाने के निर्देश दिए। कोर्ट का आदेश लेकर शाम करीब साढ़े सात बजे साधना वर्मा सदर कोतवाली पहुंची और पुलिस से शादी रुकवाने की मांग की।
पुलिस साधना के साथ मौके पर पहुंची और वैवाहिक कार्यक्रमों को रुकवा दिया। प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि महिला साधना कोर्ट का आदेश लेकर आई थी, जिसपर शादी का कार्यक्रम रुकवा दिया गया है।