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तीन दिन में दो अजीब मामले: बरेली में पहले जुड़वां की जगह जन्मा एक, अब एक के बजाय जन्मे दो बच्चे

Sat, 13 Dec 2025 11:18 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में जिस महिला की अल्ट्रासाउंड जांच में जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई, उसने एक बच्चे को जन्म दिया। जिसकी जांच रिपोर्ट में एक बच्चे की पुष्टि हुई थी, उस महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। दोनों के परिजन हैरान हैं। 
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गर्भवती की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट - फोटो : परिजन
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विस्तार
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बरेली के महिला अस्पताल में तीन दिन में प्रसव के दो अजीबोगरीब मामले सामने आए। पहले दो के बजाय एक ही बच्चा पैदा हुआ। अब शुक्रवार को एक के बजाय दो बच्चे पैदा होने का मामला आया है। दोनों ही मामलों में गर्भवतियों ने प्रसव पूर्व अल्ट्रासाउंड जांच कराई थी। इसमें क्रमवार जुड़वां और एक बच्चे की पुष्टि हुई थी। अब मशीन में तकनीकी खामी की चर्चा हो रही है। रेडियोलॉजिस्ट की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। नवजातों की खरीद-फरोख्त की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल, डॉक्टरों ने संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के लिए सीएमओ को पत्र भेजने की बात कही है।

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इज्जतनगर के आंबेडकरनगर निवासी आकाश की पत्नी आरती को बृहस्पतिवार देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। शुक्रवार को भोर में परिजनों ने आशा कार्यकर्ता से संपर्क किया। उसने 102 एंबुलेंस को कॉल किया। सुबह 6:35 बजे गर्भवती के साथ परिजन महिला अस्पताल पहुंचे। करीब पांच मिनट के अंतराल पर दो बच्चों का जन्म हुआ। 

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पति आकाश ने सुभाषनगर और इज्जतनगर के निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच रिपोर्ट दिखाई। दोनों में ही सिंगल चाइल्ड का जिक्र है। स्टाफ ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक गर्भवती की आखिरी अल्ट्रासाउंड जांच 11 अक्तूबर को हुई थी। परिजन ने इससे पूर्व हुई जांच में भी सिंगल चाइल्ड दर्ज होने की बात कही है। मामले की जांच कराई जाएगी।

दोनों निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत
पीसीपीएनडीटी प्रभारी डॉ. लईक अहमद अंसारी के मुताबिक, दोनों प्रसूताओं ने जिन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच कराई थी, वे स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं। बताया जाता है कि सेंटरों पर मरीज या गर्भवती की जांच टेक्निकल एक्सपर्ट करते हैं। रेडियोलॉजिस्ट उनकी ओर से तैयार रिपोर्ट पर ही हस्ताक्षर करते हैं। इसलिए भी रिपोर्ट में गड़बड़ी की आशंका रहती है।

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स्टाफ के दर्ज किए बयान सीसी फुटेज भी खंगाले पर नहीं दिखा दूसरा शिशु
भुता के गजनेरा निवासी सुरेश बाबू की पत्नी राजेश्वरी देवी की अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट में जुड़वां बच्चे दिखे थे, पर प्रसव एक बच्चे का हुआ था। सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक लेबर रूम में कैमरे नहीं लगे हैं। वहां आवाजाही का दूसरा रास्ता भी नहीं है। बरामदे और अस्पताल परिसर में लगे सीसी कैमरों की फुटेज में प्रसव के बाद छह घंटे तक की फुटेज खंगाली गई, पर दूसरा बच्चा नहीं दिखा। बच्चे जन्म के बाद रोते हैं, यहां दूसरे बच्चे के रोने की आवाज भी नहीं आई। स्टाफ और उनकी दादी ने भी एक ही बच्चे को देखने की बात कही है। जांच जारी है।
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विशेषज्ञ बोले- जांच के दौरान बच्चे की स्थिति का पड़ता है प्रभाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान भ्रूण की पोजीशन सही न होने, गर्भवती के पेट में गैस, एम्नियोटिक फ्लूड बेहद कम या अधिक होने, मशीन की गुणवत्ता या सेटिंग ठीक न होने, रेडियोलॉजिस्ट की अनुभव की कमी, बच्चे का मूवमेंट तेज होने, जुड़वां में एक बच्चे के ठीक पीछे दूसरे का होने या उससे सटे होने से रिपोर्ट में दस फीसदी तक त्रुटि की आशंका रहती है।
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