बरेली। रमजान के पहले दिन रविवार को मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चहल पहल रही। दिनभर लोग रोजा रख कर इबादत में मशगूल रहे। शहर की सभी मस्जिदें रोजेदारों से भरी दिखीं। शाम को जगह-जगह रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया।
रमजान की पहली सहरी पर मुस्लिम बाहुल्य इलाके गुलजार रहे। देर रात दो बजे से घर-घर में चहल-पहल रही और लोग सहरी खाने के इंतजाम में लगे रहे। तीन बजते ही मस्जिदों से नात व मनकद और कव्वालियों की सदाएं गूंज उठी थीं। कहीं-कहीं तकरीर भी होती रही। बीच-बीच में इमाम सहरी खत्म होने का समय भी एलान करते रहे। सुबह पांच बजे के बाद जैसे ही सहरी का वक्त खत्म हुआ, सभी मस्जिदों से एलान कर दिया गया।
दिन रोजे में गुजरने के बाद शाम शहर भर की तमाम मस्जिदों, खानकाहों और दरगाहों में लोगों ने सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार किया। यहां पर आस पास के तमाम घरों से लोग इफ्तारियां सजा कर पहुंचे थे। इसके बाद रात में सभी छोटी बड़ी मस्जिदों में इशा की नमाज के साथ तरावीह की नमाज अदा की और घरों में पहुंच कर अगले दिन की तैयारी में लग गए। संवाद