स्वास्थ्य विभाग ने सेवा प्रदाता फर्म को भेजा पत्र, कार्रवाई के लिए चेताया
बरेली। 300 बेड अस्पताल में संचालित सीटी स्कैन यूनिट में वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था के लिए अब संबंधित सेवा प्रदाता फर्म संचालक को पत्र जारी किया गया है। साथ ही, जल्द व्यवस्था न किए जाने पर नियमानुसार शासन से पत्राचार की चेतावनी दी है।
पिछले वर्ष जनवरी में 300 बेड अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर सीटी स्कैन यूनिट संचालन का जिम्मा लखनऊ की एक फर्म को मिला। जिसे पूर्व में जिला अस्पताल में स्थापित किया जाना था, लेकिन भूमि की अड़चन की वजह से 300 बेड में संचालन पर सहमति बनी। यूनिट संचालन की की शर्तों में बिजली आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था भी दर्ज थी। फर्म ने बिजली गुल होने पर कंप्यूटर ऑपरेट करने के लिए बैकअप की व्यवस्था तो की, लेकिन मशीन संचालन के लिए जनरेटर नहीं लगाए। लिहाजा, प्रतिदिन जांच कराने पहुंचे मरीजों को बिजली जाने पर इंतजार करना पड़ता है।
स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक अस्पताल का जेनरेटर करीब साल भर से खराब पड़ा है। बिजली जाने पर ओपीडी में बैठे डॉक्टर और इलाज कराने पहुंचे मरीज परेशान होते हैं। सीटी स्कैन यूनिट भी ठप हो जाती है। अधिकारियों को संबंधित समस्याएं संज्ञान में हैं पर व्यवस्था सुचारू नहीं हुई।
ऑटो एनालाइजर मशीन को इंस्टॉलेशन का इंतजार
300 बेड अस्पताल की लैब में बीते दिनों ऑटो एनालाइजर मशीन स्थापित करने की कवायद शुरू हुई। ताकि मरीजों को जांच के लिए जिला अस्पताल तक चक्कर न काटने पड़े, लेकिन इंस्टालेशन न होने की वजह से अभी भी मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इस मशीन से एलएफटी, केएफटी, बायोकेमिस्ट्री समेत तमाम जांच की रिपोर्ट करीब घंटे भर में मिल जाएगी। 50 सैंपल एक बार में लगाए जा सकते हैं। जबकि सीबीसी यानी कंपलीट ब्लड काउंट मशीन की तकनीकी खामी अभी भी दूर नहीं हुई है। ज्यादातर जांच किट से हो रही है। अमर उजाला ब्यूरो
सीटी स्कैन यूनिट में वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित फर्म की है। पत्र भेजकर जल्द जनरेटर लगवाने के लिए कहा गया है। एनालाइजर इंस्टॉल करने संबंधित कंपनी की तकनीकी टीम जल्द आने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से मरीजों को जांच और रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. इंतजार हुसैन, सीएमएस, 300 बेड अस्पताल