आरसी मिशन थाने के अहमदपुर रेती में रविवार रात दो गुटों के बीच हुई फायरिंग में छर्रे लगने से एक कांवड़िया समेत पांच लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि इसमें किसी की जान नहीं गई।
अंधाधुंध फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांवड़िये के घायल होने से गुस्साए अन्य कांवड़ियों ने जिला अस्पताल के सामने जाम लगा दिया। देर रात डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने
अस्पताल पहुंच कर कांवड़ियों को समझाकर जाम खुलवाया।
आरसी मिशन थाने के गांव रौसर कोठी के रहने वाले हिस्ट्रीशीटर संतोष का रविवार दिन में नई बस्ती रेती के गोविंद सिंह से झगड़ा हो गया था। रात करीब आठ बजे हिस्ट्रीशीटर दो बाइक और एक कार से अपने साथियों के साथ अहमदपुर रेती पहुंचा। उसने अपने साथियों के साथ तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
यहां से उस वक्त कांवड़ियों का जत्था भी गुजर रहा था। कांवड़ियों के जत्थे में शामिल बंडा के गांव ररुआ निवासी 22 वर्षीय सतेंद्र वर्मा, पुत्र ओमप्रकाश भी हाथ में छर्रे लगने से घायल हो गया।
इसके अलावा गोविंद पुत्र श्रीपाल, श्याम सिंह पुत्र अरविंद, प्रवेश सिंह पुत्र धु्रव सिंह निवासी नई बस्ती रेती और अहमदपुर रेती के निखिल तिवारी पुत्र प्रदीप तिवारी भी छर्रे लगने से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने अस्पताल भिजवाया। देर रात तक किसी की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी।
दो पक्षों में झगड़े के बाद फायरिंग हुई थी। हाथ में छर्रा लगने से सतेंद्र नाम का कांवड़िया जख्मी हुआ है। उसकी हालत सामान्य है। फायरिंग करने वाले कार से भागे थे। घेराबंदी कर पुलिस ने इस कार को पकड़ लिया है। फायरिंग में शामिल सतेंद्र नाम का हिस्ट्रीशीटर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है। दहशत या तनाव जैसी कोई बात नहीं है।
- डॉ. एस चन्नप्पा, एसपी