बरेली। महिला अस्पताल की मैटरनल एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग में खतरा अभी टला नहीं है। फिर शॉर्ट सर्किट से आग भड़कने की आशंका है, क्योंकि जांच टीम ने बचाव के जो सुझाव अधिकारियों को दिए थे, उन पर अमल नहीं किया गया।
बीते वर्ष नवंबर में एमसीएच विंग स्थित एसएनसीयू परिसर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। भर्ती बच्चों को बदायूं मेडिकल कॉलेज रेफर करने के दौरान एक नवजात की मौत हो गई थी। घटना की जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय, हाइडिल और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने की थी। जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि एमसीएच विंग के ग्राउंड फ्लोर समेत तीनों मंजिल पर विद्युत नियंत्रण केंद्र (ईसीआर) शौचालय के पास होने से सीलन और पानी भरने की समस्या आ रही है। सीलन से ईसीआर में कभी भी स्पार्किंग से आग लगने की आशंका है। सुझाव दिया था कि लखनऊ स्थित पीडब्ल्यूडी प्रमुख अभियंता वास्तुविद वर्ग कार्यालय से सिविल ड्रॉइंग और विद्युत ड्रॉइंग बनवाकर उसी के अनुसार सिविल और इलेक्टि्रकल कार्य कराया जाए। शौचालय और विद्युत नियंत्रण केंद्र किसी भी दशा में आसपास न बनाए जाएं।
सुझाव था कि एमसीएच विंग में अतिरिक्त वायरिंग, सीलिंग फैन, स्विच-सॉकेट, एयर कंडीशनर आदि की जरूरत हो तो उन्हें ड्राइंग को देखकर ही लगवाएं, ताकि कहीं कोई अन्य वायरिंग प्रभावित न हो। प्रकरण पर सीएमएस डॉ. त्रिभुवन प्रसाद का कहना है कि रिपोर्ट में सुझाए बिंदुओं की जानकारी उच्चाधिकारियों को है। महानिदेशक को पत्र भेजकर संबंधित जांच रिपोर्ट साझा करते हुए ड्राइंग के तहत निर्माण के लिए कहा जाएगा।