फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपीः पटाखा फैक्ट्री में मोबाइल फटने से लगी आग, मां-बेटी समेत चार झुलसे

Mon, 21 Jan 2019 01:28 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बदायूं
विज्ञापन
पीड़िता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

रविवार दोपहर बाद कस्बे के पड़ोसी गांव हत्सा में पटाखे बनाने के दौरान फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे मां-बेटी समेत चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पटाखों की आवाज और परिवार वालों की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और चारों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे के बाद दुकानदार ताला लगाकर फरार हो गया।  

विज्ञापन

       
कस्बा बिसौली निवासी ताहिर की नगर के पड़ोसी गांव हत्सा में पटाखा बनाने की फैक्ट्री है। रोज की तरह ताहिर रविवार सुबह अपनी 50 वर्षीय मां नूरजहां, 23 वर्षीय बहन नरगिस, 18 वर्षीय भांजी आसमां और पांच वर्षीय बेटे गुड्डू के साथ ई-रिक्शा से पटाखा फैक्ट्री पहुंचा था। दोपहर करीब दो बजे चारों लोग गोदाम के बाहर धूप में बारूद रखकर पटाखे बना रहे थे। ताहिर का बेटा वहीं पास में खेल रहा था। उसी समय किसी तरह बारूद में आग लग गई। इससे पास में बने रखे पटाखे भी जल गए। 

ताहिर उछलकर दूर जा गिरा, इससे वह बाल-बाल बच गया, जबकि बारूद की आग की चपेट में आने से उसकी मां, बहन और भांजी के अलावा बेटा गंभीर रूप से झुलस गए। पटाखों की आवाज और ताहिर के परिवार वालों की चीख-पुकार सुनकर लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह आग पर काबू पाया। उसके बाद चारों लोगों को नगर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां उन्हें भर्ती करा दिया गया है। इधर, ताहिर अपनी पटाखा फैक्ट्री में ताला लगाकर फरार हो गया। उसके परिवार वाले झुलसे लोगों के साथ हैं। नूरजहां की माने तो उनका मोबाइल फटा था, जिससे बारूद में आग लग गई और यह हादसा हो गया। फिलहाल सभी की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।       
विज्ञापन

     
गोदाम में लगती आग तो होता रसूलपुर जैसा हादसा 
गनीमत रही कि ताहिर और उसके परिवार वाले गोदाम के बाहर खुले में बैठकर पटाखा बना रहे थे। अगर वे गोदाम के अंदर पटाखे बना रहे होते और आग लगती तो दूसरा रसूलपुर कांड हो जाता। कुछ माह पहले सिविल लाइंस क्षेत्र के रसूलपुर गांव के पास एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया था। पटाखा फैक्ट्री के अलावा आसपास दो दुकानें तक ढह गईं थीं, जिसमें आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति की बरेली में इलाज के दौरान तीसरे दिन मौत हुई थी। उसके बाद जिला प्रशासन ने जिले में ताबड़तोड़ छापामारी कर अवैध दुकानें बंद करा दी थीं। वह तो ताहिर और उसके परिवार वालों की किस्मत अच्छी थी, जिससे बड़ा हादसा नहीं हुआ।  

लाइसेंस धारक के भागने पर उठे सवाल 
कस्बा बिसौली निवासी ताहिर लाइसेंस धारक है। इस बात की पुष्टि प्रशासनिक अधिकारियों ने की है परंतु उसके गोदाम पर ताला लगाकर भागने पर सवाल उठ रहे हैं। उसे कोई न कोई डर था, या फिर पटाखा बनाने में अनियमितताएं बरत रहा था, जिससे वह भाग गया। इसकी पुष्टि तभी हो सकती है जब इस मामले की जांच हो।  

ताहिर के पास पटाखे बनाने और बेचने का लाइसेंस है। आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी सचाई सामने आएगी, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन

-ओमप्रकाश गौतम, इंस्पेक्टर बिसौली

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें