अग्निशमन विभाग से इजाजत लिए बगैर चलाया जा रहा था कबाड़ का गोदाम
फरीदपुर। अंधरपुरा गांव के समीप बने कबाड़ के गोदाम में सोमवार की दोपहर आग लग गई। इससे लाखों रुपये का कबाड़ जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
लगभग पांच वर्षों से रुद्रपुर निवासी याकूब पुत्र छोटे अपनी फर्म अर्श ट्रेडर्स के नाम से अंधरपुरा निवासी सुरेश पुत्र रामपाल से किराए पर लेकर उसमें गोदाम बनाकर प्लास्टिक स्क्रैप एवं प्लास्टिक का अन्य कबाड़ लाकर खरीद एवं बिक्री का कार्य करते थे। सोमवार की दोपहर कबाड़ के गोदाम में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि गोदाम के आसपास पड़े प्लास्टिक के कबाड़ में आग फैल गई। गोदाम के अंदर भी लगे सोलर पैनल, बैटरी एवं अन्य कबाड़ के सामान को भी आग ने अपने चपेट में ले लिया। कबाड़ स्वामी की सूचना पर फरीदपुर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी आग बुझाने मौके पर पहुंच गई, मगर आग पर काबू न पाते देख बरेली से दूसरी फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा। इसके बाद टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पांच वर्षों से है संचालित, अधिकारियों की नहीं पड़ी नजररुद्रपुर निवासी याकूब फैक्ट्रियों से कबाड़ स्क्रैप लाकर गोदाम में एकत्रित करता था। वहां से ट्रैकों में भरकर कबाड़ को बाहर भेजता था। फैक्ट्री एरिया में किराए पर गोदाम लेकर इतनी बड़ी मात्रा में कबाड़ का काम पिछले पांच वर्षों से कर रहा था, लेकिन फायर ब्रिगेड की एनओसी तक नहीं ली गई। आश्चर्यवाली बात है कि इन पांच वर्षों में अधिकारियों पर इसकी नजर तक नहीं पड़ी। न ही कोई कार्रवाई की गई। संवाद