आग बुझाने के लिए लानी पड़ी बाइक
जिस जगह पर दीप्ति अग्रवाल का मकान है, वह बेहद संकरी है। वहां फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी नहीं जा सकी। आग बुझाने के लिए केवल विशेष बाइक जा सकी। बाइक से पतले पाइप के सहारे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग बुझाई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान सिविल डिफेंस के लोग और मोहल्ले वासियों ने भी काफी मदद की।
महिला के मकान में होने की चर्चा से बना असमंजस
मोहल्ले के कुछ लोगों में चर्चा रही कि बुधवार शाम दीप्ति अग्रवाल अपने घर आईं थीं। घर के एक गेट पर ताला पड़ा हुआ था तो दूसरे दरवाजे में अंदर से कुंडी लगी थी। चर्चा थी कि उन्हें आते हुए देखा था, लेकिन जाते हुए नहीं देखा।
UP News: राष्ट्रपति ने बरेली के भरतौल को बाल हितैषी पंचायत पुरस्कार से नवाजा, सीएम योगी ने दी बधाई
कुछ लोगों ने इस बात का कयास लगाया कि दीप्ति अग्रवाल घर में ही रही होंगी। उनका मोबाइल नंबर बंद जा रहा था और उनके बेटे का नंबर पड़ोसियों के पास नहीं था। पुलिस में दोबारा लोगों से बात की। कुछ लोगों का कहना था कि दीप्ति अग्रवाल अपने घर पर कभी-कभी आती थीं, लेकिन वह यहां रुकती नहीं थी।