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लोगों पर केमिकलयुक्त पानी का छिड़काव करने में फंसे दमकल और ट्रैफिक पुलिस स्टाफ

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सोमवार को बरेली के सेटेलाइट बस अड्डे पर कुछ इस तरह किया गया था केमिकलयुक्त पानी का छिड़काव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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डीएम ने बैठाई जांच, नगर आयुक्त से मांगी गई रिपोर्ट

बरेली। सैकड़ों की संख्या में बाहर से आए लोगों को सैनिटाइज करने के नाम पर दमकल गाड़ियों से सोडियम हाईपोक्लोराइड युक्त पानी से नहलाने के मामले में ट्रैफिक और फायर बिग्रेड का स्टाफ फंस गया है। यह मामला तूल पकड़ने के बाद डीएम ने इस मामले की जांच शुरू कराते हुए नगर आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है।
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लॉकडाउन के बाद इन दिनों बाहर से आने वाले सैकड़ों लोग सवारी के लिए सेटेलाइट बस अड्डे पर एकत्र हो रहे हैं। रविवार को सैकड़ों लोग सेटेलाइट पर एकत्र थे। इस बीच ट्रैफिक और फायर ब्रिगेड के स्टाफ ने पहले उन्हें सड़क पर बैठा दिया। बाद में सैनिटाइज करने के नाम पर उन पर दमकल गाड़ियों से कैमिकलयुक्त पानी का छिड़काव कर दिया। पानी की बौछार पड़ते ही कुछ लोगों की आंखें लाल हो गई। बच्चे रोने लगे। स्प्रे बंद होते ही लोग जान बचाकर भागने की कोशिश करने लगे। कई लोग आंखों में कैमिकल घुसने से बिलबिला गए। फायर और ट्रैफिक पुलिस की यह लापरवाही सामने आने के बाद डीएम नितीश कुमार ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है। इस मामले में प्रथम दृष्ट्या लापरवाही सामने आई है कि किसी उच्चाधिकारी से अनुमति लिए बगैर लोगों को हानिकारक पानी का छिड़काव क्यों किया गया? डीएम का कहना है कि नगर आयुक्त से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए हैं।

सक्षम अधिकारी से अनुमति लेने के बाद ही फायर और ट्रैफिक पुलिस को कोई कदम उठाना चाहिए था। इसमें जिसकी लापरवाही होगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी
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