इस खुलासे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटी। मई से लंबित जांच में तेजी आई और एसडीएम आंवला ने आनन-फानन में रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेज दी। एसडीएम विदुषी सिंह के मुताबिक, प्रकरण की जांच में उन्हें सत्यापनकर्ताओं के नाम पता नहीं चल सके हैं। इसके लिए उन्होंने बीडीओ और जिला प्रोबेशन अधिकारी से पत्राचार भी किया, लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया। जिन बिचौलियों ने सुहागिनों के पति के नाम से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया, उनका जिक्र एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में किया है।
2023 में भी सुहागिनों के पेंशन लेने का हुआ था खुलासा
आंवला एसडीएम ने 61 सुहागिनों को पिछले पांच-छह वर्षों से लगातार मिल रही विधवा पेंशन की जांच की है। पहले भी वर्ष 2023 में आंवला तहसील क्षेत्र की 34 सुहागिनों के विधवा पेंशन लेने का मामला सामने आया था।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डीएम की ओर से 25 मामलों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के संबंध में पत्र मिला है। एसपी दक्षिणी की निगरानी में एसआईटी गठित कर एफआईआर दर्ज करने और विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।