फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: भाजपा के पूर्व सांसद के भाई समेत पांच लोगों पर केस दर्ज, बेशकीमती जमीन हड़पने का आरोप

Fri, 07 Mar 2025 10:24 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

भाजपा के पूर्व सांसद के भाई पर डेढ़ करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप लगा है। उनके खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें चार अन्य लोग भी नामजद किए गए हैं। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज के बदले डेढ़ करोड़ की जमीन हड़पने का आरोप लगाकर आंवला के पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप के छोटे भाई भूदेव कश्यप पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। तहरीर के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने चार अन्य लोगों को भी नामजद किया है। 

विज्ञापन


कैंट क्षेत्र के गांव कांधरपुर निवासी भाग्यवती ने बताया कि उनके पति रामदुलारे ने 2018 में गांव के ओमप्रकाश कश्यप उर्फ छंगा से डेढ़ लाख रुपये कर्ज लिया था। हर महीने 7500 रुपये ब्याज देते रहे। पूरी रकम वापस करनी चाही तो ओमप्रकाश और प्रेमपाल, जगदीश, भूदेव, नन्हे उर्फ ओमप्रकाश ने इन्कार कर दिया। कहा कि जमीन का बैनामा कर दो। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। 

ये भी पढ़ें- UP News: मनौना धाम के महंत पर आरोप लगाकर टावर पर चढ़ा युवक, बोला- मुझसे ढोंग कराते थे; जानें पूरा मामला
विज्ञापन


महिला ने बताया कि उसने कैंट थाने में शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं हुई।मामले में रामदुलारे ने आरोपियों के खिलाफ 26 नवंबर 2018 को कोर्ट में वाद दायर किया था। पुलिस ने आरोपियों के पक्ष में रिपोर्ट दी तो वाद खारिज कर दिया गया। उसके बाद भाग्यवती ने पुनरीक्षण याचिका सत्र न्यायालय में दायर की। 

विज्ञापन

विवेचना के आधार पर होगी कार्रवाई: पुलिस 
जनवरी 2019 में प्रेमपाल ने रामदुलारे के नाम से एक फर्जी पॉवर ऑफ अटॉर्नी तैयार करके कृषि भूमि अपने नाम करा ली, फिर 55 लाख रुपये में बैनामा ओमप्रकाश को करा दिया। भाग्यवती के अनुसार, 20 अप्रैल 2020 को उनके पति का निधन हो गया। कैंट थाना प्रभारी राजेश कुमार यादव ने बताया कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

मेरे भाई से कोई मतलब नहीं : धर्मेंद्र
भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि उनके भाई भूदेव वकील हैं। उनका इस तरह के किसी आरोप या गतिविधि से कोई मतलब नहीं है। सच्चाई क्या है, ये पता लगाएंगे। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें