ये था मामला
कार सवार डॉक्टर और सुपरवाइजर कहीं पार्टी करके आ रहे थे। शराब के नशे में धुत थे। इनकी कार से जिस कार को साइड लगी, उसमें दूसरे समुदाय के मजबूत कद काठी के चार लोग थे। स्वास्थ्यकर्मियों ने उनकी गलती बताते हुए हावी होने की कोशिश की। कार सवार लोग जो पहले बात टालने की कोशिश कर रहे थे, बाद में हावी हो गए और स्वास्थ्यकर्मियों की पिटाई कर निकल गए।
पिटाई से स्वास्थ्यकर्मी बौखला गए। उन्होंने राहगीरों, खासकर उसी समुदाय के लोगों को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इससे वहां जाम लग गया। बेवजह पिटाई के शिकार हुए लोगों ने यूपी 112 को कॉल की। पीआरवी स्टाफ ने इन पर सख्ती की तो इन्होंने खुद को डॉक्टर बताकर रौब झाड़ा। पुलिस ढीली पड़ी तो इन्होंने उनसे भी अभद्रता कर दी। जाम लगा तो गुस्साईं भीड़ ने डॉक्टरों को पीट दिया था।