तीन आरोपी चढ़े हत्थे, चौथा भाग निकला
भीड़ ने जब इन्हें पुलिस से अभद्रता करते देखा तो पकड़कर पीट दिया। इनका एक साथी फरार हो गया, लेकिन तीन को पकड़ लिया गया। इनमें से एक को भीड़ ने गिराकर पीटा। दो नाले में कूद गए। इस बीच इज्जतनगर इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव और फोर्स लेकर आ गए।
साइकिल व्यापारी को पीटा
हंगामे के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने साइकिल की दुकान चलाने वाले प्रियदर्शिनी नगर निवासी जगजोत सिंह को भी पीट दिया। वह दुकान से मिठाई लेकर कार में बैठ रहे थे। तभी उन्हें खींचकर पीटा तो कंधे में फ्रैक्चर हो गया। उन्हें स्टेडियम रोड के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बोल नहीं पा रहे थे डॉक्टर, आंखें सूजी
भीड़ की पिटाई के बाद दोनों डॉक्टर व सुपरवाइजर की हालत काफी खराब हो गई थी। नाले से निकालने के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पता लगा कि वे सरकारी स्वास्थ्यकर्मी हैं। हालांकि वे बोल नहीं पा रहे थे। उनका मुंह और आंखें सूजी हुई थीं। संजीव किसी तरह कुछ बोल सका। इनकी कार की तलाशी ली गई तो पुलिस और हैरत में पड़ गई। कार भी ले जाकर थाने में खड़ी कर ली गई।
अस्पताल में माहौल देख फिर तने डॉक्टर
इंस्पेक्टर जब डॉक्टरों व सुपरवाइजर को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां तमाम स्वास्थ्यकर्मी एकजुट हो गए। अपने स्टाफ को आसपास देखकर दो डॉक्टरों ने फिर पुलिस को निशाने पर ले लिया। एक ने इंस्पेक्टर से ही गाली-गलौज शुरू कर दी। लोगों ने उसका वीडियो बना लिया।
इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर ने मेडिकल परीक्षण से हाथ खड़े कर दिए। इंस्पेक्टर ने पुलिस अधिकारियों को सूचना दी तो उन्होंने जिला अस्पताल प्रशासन से बात की। तब मेडिकल परीक्षण शुरू हो सका। पुलिस के मुताबिक मेडिकल परीक्षण में अल्कोहल की पुष्टि हुई है।