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UP: महिला से वन विभाग के चार दरोगाओं ने किया सामूहिक दुष्कर्म, चारों की पांच माह पहले ही हुई सहसवान में तैनाती

Tue, 10 Feb 2026 02:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं

सार

यूपी के बदायूं में महिला से दुष्कर्म के आरोपी चारों वन दरोगाओं की पांच माह पहले ही सहसवान रेंज में तैनाती हुई है। चारों आरोपी एक साथ ही कार में घूमते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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बदायूं के सहसवान रेंज में तैनात चार वन दरोगाओं पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में उझानी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। सहसवान के ही एक गांव की महिला ने 10 जनवरी की वारदात बताकर एफआईआर लिखाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया था। 
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महिला का कहना है कि दस जनवरी की दोपहर वह दवा लेने के लिए सहसवान से बदायूं आने के लिए घर से निकली थी। उझानी के अकराबाद चौराहे पर वाहन का इंतजार करते समय एक कार रुकी। उसमें बैठे एक व्यक्ति ने बदायूं चलने की आवाज लगाई। वह उसमें बैठ गई। 

उसमें पहले से तीन और युवक थे। भैंसोर पुल पार करने के बाद कार कच्चे रास्ते पर झाड़ियों की ओर मोड़ दी। उन चारों ने तमंचे और चाकू दिखाकर दुष्कर्म किया। उसे तमंचे की बट से बुरी तरह पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसी बीच वहां से गुजर रहे दो व्यक्तियों के आने पर आरोपी धमकी देते हुए मौके से भाग गए।
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महिला के मुताबिक इन युवकों में शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के गांव पदेचा का सूरज मोहन, कांट इलाके का ही श्यामवीर, बदायूं का पुष्पेंद्र और बरेली के सुभाषनगर का देवेंद्र शामिल थे। वे वन विभाग की सहसवान रेंज में दरोगा के पद पर तैनात हैं। उझानी कोतवाली पहुंचने पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह कोर्ट गई।
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चारों वन दरोगा की पांच माह पहले ही हुई है सहसवान में तैनाती
दुष्कर्म के आरोपी चारों वन दरोगाओं की पांच माह पहले ही सहसवान रेंज में तैनाती हुई है। क्षेत्र के लोगों के मुताबिक चारों आरोपी सूरज मोहन, श्यामवीर, देवेंद्र और पुष्पेंद्र एक कार से साथ घूमते हैं। दुष्कर्म की घटना के वक्त भी यही कार बताई गई है। इसलिए यह कार पहले से क्षेत्र में चर्चा में बनी हुई थी।
 

सोमवार को जब इन पर रिपोर्ट दर्ज होने की बात विभाग के अधिकारियों के सामने आई तो वे हतप्रभ रह गए। हालांकि, अधिकारी फिलहाल दरोगाओं का बचाव करते नजर आए। अधिकारियों का कहना है कि महिला के परिवार में लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोग हैं। 

 

इसे लेकर उनका पहले इन आरोपियों से विवाद भी हुआ था। उधर, पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब वह उझानी कोतवाली पहुंची तो पुलिस ने टाल-मटोल करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 

 

परेशान होकर महिला ने लिया कोर्ट का सहारा
इसके बाद पीड़िता ने जिला अस्पताल में अपना इलाज कराया और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। लेकिन, रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। परेशान होकर महिला ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को उझानी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है। प्रार्थनापत्र में किसी का कोई पद नहीं खोला गया था, केवल उनके नाम लिखे थे। यह पता नहीं कि आरोपी किस पद पर कहां तैनात हैं। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी

 
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नामजद चारों वन दरोगा सहसवान रेंज में तैनात हैं। इन पर रिपोर्ट दर्ज होने की बात पता चली है। कोर्ट ने क्या आदेश किस तथ्य पर दिया है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। -जगन्नाथ कश्यप, एसडीओ, वन विभाग
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