बरेली। डीआईओएस दफ्तर में पिछले दिनों लेखाधिकारी और पूर्व एमएलसी के बीच हुए विवाद और हाथापाई ने नया मोड़ ले लिया है। लेखाधिकारी की तहरीर पर प्रभारी डीएम रहे शिवसहाय अवस्थी की अनुमति मिलने के बाद पूर्व एमएलसी के खिलाफ बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। इससे लेखाधिकारी और चंदेल गुट के शिक्षक आमने-सामने आ गए हैं। पूर्व एमएलसी की ओर से लेखाधिकारी पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
शिक्षकों के एरियर और वेतन बिल न बनाने पर पिछले दिनों पूर्व एमएलसी रामबाबू शास्त्री और लेखाधिकारी अनिल कुमार के बीच विवाद हो गया था। डीआईओएस की मौजूदगी में दोनों के बीच नौबत हाथापाई और धक्का मुक्की तक पहुंच गई थी। पूर्व एमएलसी पर बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पूर्व एमएलसी ने इस मामले में जिलाधिकारी से बातकर एकतरफा आपत्ति जताई। पूर्व एमएलसी पर एफआईआर दर्ज होने से गुस्साए चंदेल गुट के शिक्षक लेखाधिकारी के विरोध में उतर आए हैं। शिक्षकों ने दिवाली बाद आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उधर, पूर्व एमएलसी की ओर से चंदेल गुट के शिक्षकों ने लेखाधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। दोनों पक्षों के एक दूसरे पर क्रास एफआईआर दर्ज कराने से विवाद बढ़ने के आसार हैं। डीआईओएस गजेंद्र सिंह ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है।
‘संविधान ने सबको सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। अगर कोई हमारा अपमान करेगा तो हम पीछे नहीं हटेंगे।’ अनिल कुमार, लेखाधिकारी,
‘लेखाधिकारी जाति को हथियार बनाकर शिक्षकों का शोषण कर रहे हैं। डीआईओएस दफ्तर में वेतन और एरियर निकालने में कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार चरम पर है। इस पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। ’ रामबाबू शास्त्री, पूर्व एमएलसी