बरेली। अपने शहर को स्मार्ट बनाने में बरेली वाले रुचि नहीं ले रहे। नगर निगम ने पब्लिक भागेदारी के तहत मांगे गए सुझावों पर ड्रा निकाला। इसमें लकी ड्रा के प्रथम तीन विजेता एलईडी, स्मार्ट फोन और वाशिंग मशीन का पुरस्कार लेने ही नहीं पहुचे। इनके स्थान पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ विजेता के लिए पांच-पांच ड्रा दोबारा निकाले गए। ये विजेता भी मौजूद नहीं थे। नगर निगम ने 26 सांत्वना पुरस्कार बांटकर समारोह निपटाया।
संजय कम्यूनिटी हाल में सोमवार सुबह 11 बजे स्मार्ट सिटी का लकी ड्रा निकलना।वहां सन्नाटा देख कर तय समय पर डीएम आकर लौट गए। दोपहर 12.30 बजे तक हाल की अधिकांश कुर्सियां खाली थी। लंबे इंतजार के बाद मेयर डा. आईएस तोमर ने एक बजे समारोह का प्रारंभ किया। मेयर ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान जरूरी है। केवल ऊंची इमारतें, चौड़ी सड़कें और अच्छी बिजली से शहर स्मार्ट नहीं बनाया जा सकता। नागरिकों को अपने अधिकार के साथ कर्त्तव्यों का भी पालन करें। कूड़ा कहां डालना है या वाहन किधर से जाएगा। ये समझ होनी चाहिए। लकी ड्रा की शर्त थी जो विजेता मौजूद नहीं होगा तो उसके स्थान पर उसी पुरस्कार के लिए क्रमवार चार ड्रा निकाले जाएंगे। लकी ड्रा में प्रथम विजेता कृष्ण यादव को मिला। वह मौजूद नहीं थे। प्रथम विजेता के लिए अगला ड्रा राधिका अरोड़ा, दिव्या भारती, विभोर सक्सेना, प्रखर शंखधार का निकाला गया। ये भी मौजूद नहीं थे। द्वितीय विजेता उदय अग्रवाल के मौजूद न होने पर अगम गुप्ता, अमर सिंह, डा. अखिलेश कुमार गुप्ता और गौरव का ड्रा निकला। ये भी अनुपस्थित रहे। तृतीय विजेता साबिर हुसैन की गैर मौजूदगी में वीरेंद्र सिंह, मो. शाकिर, गुरमीत कौर और विमल सागर भी मौजूद नहीं थे। चतुर्थ ड्रा के विजेता सारिका अग्रवाल के अनुपस्थित होने पर नासिर हुसैन, रवीश अग्रवाल, अमित और स्वागत सिंह का निकला। प्रथम चार विजेताओं को अनुपस्थित रहने पर पुरस्कार पाने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। राजेश्वर विश्वकर्मा प्रोफार्मा में पहचान बनाने की वजह से विवादित हो गए। इनको पुरस्कार नहीं मिला।
26 को मिले सांत्वना पुरस्कार
आसिफ खां, रनवीर लखन राना, अजहर जबी, राम सिंह, मो. हारून, रुपेंद्र पाराशरी, कुलशेर, विजेंद्र कुमार सक्सेना, अजय सिंह, अभय भटनागर, मंजूर अली, सुरेंद्र पाल सिंह, वंदना रस्तोगी, आदित्य दीक्षित, मो. अजहर, अब्दुल शमशाद, मुकेश गंगवार, मो. अनस, गुरदीप सिंह, माही, आदित्य राठौर, अभिषेक अग्रवाल, आमोद शर्मा, सुधीर कुमार, प्रेम कुमारी, राजेश्वर विश्वकर्मा को सांत्वना पुरस्कार के रूप में ग्राइंडर दिए गए।